Edited By Tanuja,Updated: 26 Feb, 2026 02:50 PM

अमेरिकी मीडिया में Donald Trump के सामने Ali Khamenei को निशाना बनाने का विकल्प रखे जाने की खबर पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि सुप्रीम लीडर की हत्या से कुछ नहीं बदलेगा, क्योंकि व्यवस्था व्यक्ति नहीं बल्कि...
Washington: अमेरिकी मीडिया में Donald Trump के सामने Ali Khamenei को निशाना बनाने का विकल्प रखे जाने की खबर पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि सुप्रीम लीडर की हत्या से कुछ नहीं बदलेगा, क्योंकि व्यवस्था व्यक्ति नहीं बल्कि सिस्टम पर आधारित है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि देश की इस्लामिक शासन व्यवस्था किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि सुप्रीम लीडर Ali Khamenei को हटाने या मारने की कोशिश की जाती है, तब भी सिस्टम के भीतर तय प्रक्रिया से नया नेता चुना जाएगा। उन्होंने 1989 में Ruhollah Khomeini की मृत्यु का उदाहरण देते हुए कहा कि 24 घंटे के भीतर नए सुप्रीम लीडर का चयन कर लिया गया था।
अगर सुप्रीम लीडर की मौत होती है तो क्या होगा?
ईरान के संविधान के अनुसार:
- विशेषज्ञों की असेंबली (Assembly of Experts) नया सुप्रीम लीडर चुनती है।
- चयन धार्मिक योग्यता और राजनीतिक समर्थन के आधार पर होता है।
- सत्ता संरचना – राष्ट्रपति, संसद और रिवोल्यूशनरी गार्ड – काम करती रहती है।
- इसलिए, ईरान का दावा है कि सत्ता में “शून्य” की स्थिति नहीं बनेगी।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि Donald Trump के सामने खामेनेई को निशाना बनाने का विकल्प भी रखा गया। हालांकि, ईरान ने इसे “सिस्टम को न समझने वाली सोच” बताया। मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य तैनाती बढ़ी हुई है और परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव चरम पर है। ईरान ने कहा है कि वह “युद्ध और शांति दोनों विकल्पों के लिए तैयार” है, लेकिन वह संतुलित परमाणु समझौते की उम्मीद भी रखता है। लेबनान के शिया संगठन Hezbollah ने खामेनेई को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को “रेडलाइन” बताया है। समूह ने संकेत दिया है कि यदि सुप्रीम लीडर पर हमला हुआ तो वह सैन्य कार्रवाई में शामिल हो सकता है।