Edited By Tanuja,Updated: 02 Mar, 2026 11:10 AM

अमेरिका–इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने साफ कहा है “हम अमेरिका से बातचीत नहीं करेंगे।”...
International Desk: ईरान के प्रभावशाली नेता और सुरक्षा मामलों से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी अली लारीजानी (Ali Larijani) ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात में अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत संभव नहीं है। अमेरिकी मीडिया नेटवर्क CNBC की अपडेट के अनुसार, उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की नीतियों ने क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है और हालिया घटनाक्रम उसी “अराजक रणनीति” का परिणाम है। Ali Larijani ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट कहा, “We will not negotiate with the United States.”
यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया जिसमें The Wall Street Journal ने दावा किया था कि ओमान के जरिए तेहरान अमेरिका से बैक-चैनल बातचीत की कोशिश कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ABC News से बातचीत में अमेरिकी हमलों को “आक्रामकता” बताया। उन्होंने कहा कि “जो अमेरिका कर रहा है वह आक्रमण है, और जो हम कर रहे हैं वह आत्मरक्षा है।” इसके बाद ईरान ने क्षेत्र में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसा
बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस सैन्य कार्रवाई को “दुनिया के सबसे बड़े और जटिल सैन्य अभियानों में से एक” बताया और कहा कि अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। इल हमले किए। US Department of State की ओर से जारी संयुक्त बयान में अमेरिका, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के हमलों को “अंधाधुंध और गैर-जिम्मेदाराना” करार दिया। इन देशों ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए “खतरनाक उकसावा” बताया है।