भारत ने दुनिया के सामने खोली पाकिस्तान की पोल, कहा- इस देश में न कानून, न इंसानियत!

Edited By Updated: 21 May, 2026 01:34 PM

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भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर अफगान नागरिकों पर हमले करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून की बात करता है, लेकिन अफगानिस्तान में महिलाओं, बच्चों और अस्पतालों पर बमबारी कर रहा है। भारत ने इसे...

International Desk: भारत (India) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान (Pakistan) पर अफगानिस्तान में निर्दोष नागरिकों की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों की बात करता है, लेकिन खुद महिलाओं, बच्चों और अस्पतालों तक पर हमले कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि P. Harish ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि दुनिया अब पाकिस्तान के “प्रचार” को समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में “न आस्था बची है, न कानून और न नैतिकता।”

 

यह बयान उस समय आया जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में “युद्ध के दौरान नागरिकों की सुरक्षा” पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दा उठाकर भारत पर हमला करने की कोशिश की थी। भारत ने जवाब में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन UNAMA की रिपोर्ट का हवाला दिया। भारत ने कहा कि 2026 के पहले तीन महीनों में पाकिस्तान की सीमा पार सैन्य कार्रवाई के कारण अफगानिस्तान में 750 नागरिक मारे गए या घायल हुए। भारत ने सबसे बड़ा आरोप यह लगाया कि पाकिस्तान ने रमजान के महीने में काबुल के एक ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल पर हवाई हमला किया। भारत ने कहा कि यह हमला तरावीह की नमाज के बाद हुआ, जब मरीज मस्जिद से बाहर निकल रहे थे।

 

भारत के मुताबिक इस हमले में  269 नागरिकों की मौत हुई व  122 लोग घायल हुए।  भारत ने कहा कि अस्पताल किसी भी तरह सैन्य ठिकाना नहीं था और उस पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की कार्रवाई के कारण 94 हजार से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए और शरणार्थी बन गए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भी कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अस्पतालों और मेडिकल स्टाफ को विशेष सुरक्षा दी जाती है और नागरिकों को निशाना नहीं बनाया जा सकता।

 

भारत ने पाकिस्तान के इतिहास का जिक्र करते हुए 1971 के बांग्लादेश युद्ध का मुद्दा भी उठाया। भारत ने कहा कि पाकिस्तान पहले भी बड़े पैमाने पर हिंसा और अत्याचार कर चुका है। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं को छिपाने के लिए लंबे समय से हिंसा और सीमा पार तनाव का इस्तेमाल करता रहा है। इस बयान के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंच सकता है।

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