इस देश ने बनाया दुनिया का पहला 6G डिवाइस, 112Gbps वायरलेस स्पीड के साथ 5G से 20 गुना तेज

Edited By Updated: 21 May, 2026 05:50 AM

this country made the world s first 6g device

इंटरनेट की दुनिया में जल्द ही एक ऐसा महा-क्रांति आने वाली है, जो डाउनलोडिंग और स्ट्रीमिंग की पूरी परिभाषा ही बदल देगी।

टोक्यो: इंटरनेट की दुनिया में जल्द ही एक ऐसा महा-क्रांति आने वाली है, जो डाउनलोडिंग और स्ट्रीमिंग की पूरी परिभाषा ही बदल देगी। जापानी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा 6G प्रोटोटाइप डिवाइस तैयार किया है, जिसने वायरलेस इंटरनेट की गति के तमाम पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। यह दुनिया का पहला ऐसा डिवाइस है जिसने 5G की तुलना में अविश्वसनीय रफ्तार हासिल की है।

5G से 20 गुना ज्यादा है रफ्तार
इस नई तकनीक की मदद से वैज्ञानिकों ने 112 Gbps की वायरलेस इंटरनेट स्पीड हासिल करने में कामयाबी पाई है। यह गति वर्तमान में चल रहे 5G नेटवर्क से करीब 20 गुना से भी ज्यादा तेज है। अभी तक वैज्ञानिक सुपरफास्ट 6G नेटवर्क के लिए बहुत हाई फ्रीक्वेंसी का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन साधारण इलेक्ट्रॉनिक सर्किट एक सीमा के बाद काम करना बंद कर देते थे।

जापानी प्रोफेसर ने तोड़ी पुरानी 'इलेक्ट्रॉनिक लिमिट'
जब सिग्नल की फ्रीक्वेंसी 350 GHz के पार जाती है, तो डेटा में डिजिटल शोर (Phase Noise) बढ़ जाता है, जिससे वह बेकार हो जाता है। जापान की तोकुशिमा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ताकेशी यासुई और उनकी टीम ने इस बाधा को पार करते हुए 560 GHz के बैंड पर बिना किसी रुकावट के यह ऐतिहासिक स्पीड हासिल की है।

रोशनी (Photonics) से मिला सुपरफास्ट डेटा
इस सफलता के पीछे असली राज बिजली की जगह रोशनी (Photonics) का इस्तेमाल करना है। वैज्ञानिकों ने इसमें 'ऑप्टिकल माइक्रोकॉम्ब' नाम के एक छोटे से डिवाइस का उपयोग किया है, जो किसी हाई-टेक लेजर रूलर की तरह काम करता है। यह डिवाइस प्रकाश की बेहद स्थिर और सटीक किरणें पैदा करता है, जिससे डिजिटल शोर न के बराबर होता है और टेराहर्ट्ज सिग्नल के जरिए डेटा सुपरफास्ट स्पीड से यात्रा कर पाता है।

अब लैब से बाहर निकलेगी 6G टेक्नोलॉजी
आमतौर पर लेजर तकनीक में कंपन (Vibration) होने पर इंटरनेट कनेक्शन टूट जाता है, लेकिन जापानी टीम ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। उन्होंने ऑप्टिकल फाइबर को सीधे एक सिलिकॉन नाइट्राइड माइक्रोरेजोनरेटर चिप के साथ पर्मानेंट जोड़ दिया है। इससे भारी-भरकम लैब सेटअप अब एक छोटी सी चिप में सिमट गया है। साथ ही, इसमें एक खास तापमान कंट्रोलर भी लगाया गया है ताकि बदलते मौसम का इंटरनेट की रफ्तार पर कोई असर न पड़े।

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