Edited By Tanuja,Updated: 23 May, 2026 12:03 PM

हिज़्बुल मुजाहिदीन और अल-बद्र से जुड़े आतंकी कमांडर हमजा बुरहान की PoK में गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके जनाजे में कथित तौर पर Syed Salahuddin और ISI से जुड़े लोगों की मौजूदगी के दावों ने पाकिस्तान पर आतंकियों को संरक्षण देने के आरोप फिर तेज कर...
International Desk: पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में पुलवामा हमले से जुड़े बताए जा रहे आतंकी कमांडर हमजा बुरहान उर्फ अर्जुमंद गुलजार डार की हत्या के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर सामने आए विजुअल्स में दावा किया गया कि उसके जनाजे में सैयद सलाहुद्दीन (Syed Salahuddin), अल-बद्र से जुड़े आतंकी चेहरे और कथित तौर पर ISI से जुड़े लोग मौजूद थे।रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा बुरहान को मुजफ्फराबाद के गोजरा इलाके में एक कॉलेज के बाहर अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमजा बुरहान पाकिस्तान भागने के बाद एक स्कूल प्रिंसिपल के रूप में रह रहा था। हालांकि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े दावों में कहा गया कि वह आतंकी नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था और अल-बद्र के लॉन्चपैड संभालने के साथ ही भर्ती अभियान चला रहा था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि Inter-Services Intelligence को उस पर हमले की आशंका थी, इसलिए उसे दो हथियारबंद बॉडीगार्ड दिए गए थे। घटना के समय वह कथित तौर पर दो लोगों से मिलने बाहर गया था और अपने सुरक्षाकर्मियों को पीछे छोड़ दिया था। उसी दौरान हमलावरों ने उसे गोली मार दी। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और वीडियो में भारी हथियारों से लैस लोगों की मौजूदगी दिखाई देने का दावा किया गया है।
इन विजुअल्स को लेकर भारत समर्थक विश्लेषकों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की जमीन पर आतंकी संगठनों को अब भी संरक्षण मिल रहा है। हालांकि पाकिस्तान सरकार या सेना की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमजा बुरहान का नाम 2019 के 2019 Pulwama attack से जुड़े आतंकी नेटवर्क से जोड़ा जाता रहा है।बताया जाता है कि उसने 2018 के बाद अल-बद्र संगठन को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश की और पुराने आतंकियों को जोड़ने का अभियान चलाया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है। भारत का कहना रहा है कि पीओके में कई आतंकी लॉन्चपैड सक्रिय हैं, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है।