भारत का पाकिस्तान को दो टूक संदेशः  पहले आतंकवाद छोड़ों फिर बहाल होगी ‘सिंधु जल संधि’

Edited By Updated: 07 May, 2026 05:32 PM

indus water treaty remains suspended in response to pak s cross border terror

भारत ने कहा है कि सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद बंद नहीं करता। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक बताते हुए कड़ा संदेश दिया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि रोकी थी और अब भी बांधों के गेट बंद...

International Desk: आप्रेशन सिंदूर का एक साल पूरा होने पर भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि  ‘सिंधु जल संधि’  Indus Waters Treaty तब तक बहाल नहीं होगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और विश्वसनीय तरीके से बंद नहीं करता। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को “राज्य नीति” की तरह इस्तेमाल करता रहा है और भारत को अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने नई दिल्ली में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने पिछले वर्ष 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमला (Pahalgam terror attack) का जिक्र करते हुए कहा कि पूरी दुनिया ने उस आतंकी हमले की सच्चाई देखी थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।

 

उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का “करारा जवाब” दिया था और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “सिंधु जल संधि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के जवाब में स्थगित रखी गई है। पाकिस्तान को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय तरीके से आतंकवाद का समर्थन छोड़ना होगा।” भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई सिंधु जल संधि दोनों देशों के बीच नदी जल बंटवारे का आधार रही है। लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने इसे स्थगित कर दिया था, जिसे दोनों देशों के संबंधों में बड़ा रणनीतिक बदलाव माना गया। रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल बाद भी भारत ने अपने बांधों के गेट बंद रखे हुए हैं।

 

जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में Baglihar Dam के सभी गेट अब भी बंद हैं। यह बांध चिनाब नदी पर बना है और सिंधु जल संधि से जुड़े प्रमुख परियोजनाओं में गिना जाता है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘Operation Sindoor’ की पहली वर्षगांठ पर कहा कि यह अभियान आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के संकल्प का प्रतीक था। प्रधानमंत्री ने भारतीय सशस्त्र बलों की तारीफ करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सटीकता, पेशेवर क्षमता और मजबूत इरादे का प्रदर्शन किया। यह अभियान पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था।

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