Edited By Tanuja,Updated: 12 Apr, 2026 11:35 AM

इस्लामाबाद में 24 घंटे चली अमेरिका-ईरान वार्ता बिना ठोस नतीजे खत्म हुई। पाकिस्तान ने मध्यस्थता जारी रखने और युद्धविराम बनाए रखने की अपील की। पहली उच्च-स्तरीय प्रत्यक्ष बातचीत से उम्मीदें थीं, लेकिन फिलहाल केवल संवाद जारी रखने पर सहमति बनी है।
Islamabad: पाकिस्तान ने रविवार को कहा कि वह अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता में मदद करने का काम जारी रखेगा और उसने दोनों पक्षों से युद्धविराम बनाए रखने का आग्रह किया। अमेरिका और ईरान के बीच लंबी वार्ता बिना किसी ठोस परिणाम के समाप्त होने के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले 24 घंटों में कई दौर की ''गहन और सार्थक'' बातचीत में मध्यस्थता की। उन्होंने कहा, ''मैंने रक्षा बलों के चीफ फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर के साथ मिलकर दोनों पक्षों के बीच कई दौर की गहन और रचनात्मक वार्ताओं में मध्यस्थता की, जो 24 घंटों तक चलीं और आज सुबह समाप्त हुईं।''
वार्ता में प्रगति की उम्मीद जताते हुए डार ने कहा कि स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता हासिल करने के लिए दोनों पक्षों को सकारात्मक रुख बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा, ''यह जरूरी है कि दोनों पक्ष युद्धविराम के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखें।'' डार ने कहा कि पाकिस्तान आने वाले दिनों में भी ईरान और अमेरिका के बीच संवाद और वार्ता को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान इस्लामी गणराज्य ईरान और अमेरिका के बीच संवाद को सुगम बनाने में अपनी भूमिका निभाता रहा है और आगे भी निभाता रहेगा।'' डार ने दोनों पक्षों द्वारा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार करने और पाकिस्तान की मध्यस्थता की भूमिका को मान्यता देने के लिए आभार भी जताया।
पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई ये वार्ताएं 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्च-स्तरीय प्रत्यक्ष बातचीत थी जिस पर दुनियाभर की निगाहें थी। ईरानी प्रतिनिधिमंडल संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ के नेतृत्व में शुक्रवार रात इस्लामाबाद पहुंचा, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शनिवार सुबह पहुंचा, जिसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर और पश्चिम एशिया के दूत स्टीव विटकॉफ भी शामिल हैं, जबकि ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।