Edited By Tanuja,Updated: 13 May, 2026 06:54 PM

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार Rana Sanaullah ने दावा किया है कि भारत चिनाब नदी पर कई बांध बना रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पाकिस्तान को पानी संकट और बाढ़ दोनों का खतरा पैदा हो सकता है।
International Desk: सिंधु जल संधि निलंबित होने के बाद पाकिस्तान में पानी को लेकर बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। अब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी और उनके सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने दावा किया है कि भारत चिनाब नदी पर तेजी से बांध बना रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में पाकिस्तान को गंभीर जल संकट और बाढ़ दोनों का खतरा पैदा हो सकता है। Rana Sanaullah ने दावा किया है कि भारत चिनाब नदी पर पांच बड़े बांध बना रहा है, जिनके 2030 तक पूरा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पाकिस्तान को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। राणा सनाउल्लाह ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल से बातचीत में आरोप लगाया कि भारत पानी को “हथियार” की तरह इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर भारत जरूरत के समय पानी रोकता है तो पाकिस्तान में खेती और पीने के पानी का संकट खड़ा हो सकता है। वहीं अगर अचानक ज्यादा पानी छोड़ा गया तो बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर रखा है। इस संधि के तहत चिनाब नदी का अधिकांश पानी पाकिस्तान को मिलता है, जबकि भारत को सीमित उपयोग और पनबिजली परियोजनाओं का अधिकार प्राप्त है। चिनाब नदी लगभग 974 किलोमीटर लंबी है और यह सिंधु नदी प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। इसका उद्गम हिमाचल प्रदेश में चंद्र और भागा नदियों के संगम से होता है। इसके बाद यह जम्मू-कश्मीर से गुजरते हुए पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्र में प्रवेश करती है। भारत पहले से ही चिनाब नदी पर बगलिहार और रतले जैसी पनबिजली परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
पाकिस्तान लंबे समय से इन परियोजनाओं पर आपत्ति जताता रहा है। राणा सनाउल्लाह ने इससे पहले धमकी भरे अंदाज में कहा था कि अगर भारत पाकिस्तान का पानी रोकने की कोशिश करता है तो इसे “युद्ध जैसी कार्रवाई” माना जाएगा। उन्होंने यहां तक कहा था कि पाकिस्तान बगलिहार बांध को निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान अब अपने यहां बड़े जलाशय बनाने की योजना पर काम कर रहा है ताकि पानी रोके जाने या अचानक छोड़े जाने की स्थिति से निपटा जा सके। उनके मुताबिक इस योजना की जानकारी राष्ट्रपति Asif Ali Zardari को भी दी जा चुकी है। भारत और पाकिस्तान के बीच जल विवाद एक बार फिर ऐसे समय चर्चा में आया है जब दोनों देशों के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं।