ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट कर मेलोनी पर कसा तंज, इटली ने भी दिया जबरदस्त जवाब

Edited By Updated: 07 Jul, 2026 01:30 PM

people come and go italy responds to trump s restraining order jab at meloni

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर सोशल मीडिया पोस्ट कर तंज कसा। इटली ने विवाद को तूल देने से इनकार करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते नेताओं से बड़े हैं। यह विवाद नाटो शिखर सम्मेलन से पहले सामने आया है।

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए निशाना साधा है। ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म Truth Social पर मेलोनी की एक संपादित तस्वीर साझा की, जिस पर लिखा था "RESTRAINING ORDER NEEDED" (रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर की जरूरत है)। यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब दोनों नेताओं के इस सप्ताह तुर्की में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन में आमने-सामने आने की उम्मीद है। ट्रंप की पोस्ट के बाद इटली सरकार ने विवाद को बढ़ाने से बचने की कोशिश की। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेट्टो ने कहा कि नेताओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन देशों के रिश्ते हमेशा कायम रहते हैं।

 

वहीं विदेश मंत्री अंतोनियो तायानी ने भी कहा कि इटली और अमेरिका के संबंध किसी एक व्यक्ति की टिप्पणी से कहीं बड़े हैं और दोनों देशों की साझेदारी आगे भी मजबूत बनी रहेगी। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप की ताजा पोस्ट पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ समय से सार्वजनिक बयानबाजी बढ़ती रही है। हाल ही में हुए G7 शिखर सम्मेलन के बाद ट्रंप ने दावा किया था कि मेलोनी बार-बार उनके साथ फोटो खिंचवाना चाहती थीं और उन्होंने केवल "तरस खाकर" इसकी अनुमति दी। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया था कि इटली ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं किया और बाद में वॉशिंगटन से रिश्ते सुधारने की कोशिश की।

 

मेलोनी ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि इटली कभी किसी से भीख नहीं मांगता। उन्होंने ट्रंप पर बिना वजह व्यक्तिगत हमले करने का आरोप लगाया और कहा कि मजबूत रिश्ते स्पष्ट और ईमानदार संवाद पर आधारित होते हैं। एक समय ट्रंप और मेलोनी को राजनीतिक सहयोगी माना जाता था। दोनों की आव्रजन नीति और रूढ़िवादी राजनीति पर समान सोच रही है। मेलोनी 2025 में ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली एकमात्र यूरोपीय नेता थीं।हालांकि, इस वर्ष ईरान, पश्चिम एशिया और रक्षा नीति जैसे मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आए, जिसके बाद व्यक्तिगत टिप्पणियों का सिलसिला भी शुरू हो गया।अब यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब नाटो शिखर सम्मेलन में यूरोपीय देशों के रक्षा खर्च और सुरक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है।

 

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