PM मोदी और पुतिन की 'कार डिप्लोमेसी' ने खींचा दुनिया का ध्यान; शांति संदेश के साथ रूसी राष्ट्रपति को भारत आने का न्योता

Edited By Updated: 31 Aug, 2026 10:49 PM

pm modi and putin s car diplomacy attracted the world s attention

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात ने वैश्विक मंच पर भारी हलचल मचा दी है

बिश्केक: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात ने वैश्विक मंच पर भारी हलचल मचा दी है। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद जो सबसे खास तस्वीर सामने आई, वह थी उनकी 'कार डिप्लोमेसी'. द्विपक्षीय बैठक समाप्त होने के बाद, पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए एक ही कार में रवाना हुए. इससे पहले दोनों नेताओं ने बेहद गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया और गले मिले।

दबाव मुक्त विदेश नीति का बड़ा रणनीतिक संकेत
कूटनीतिक हलकों में इस 'कार डिप्लोमेसी' के गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए सख्त प्रतिबंधों के बीच, दोनों नेताओं का इस तरह सार्वजनिक रूप से एक ही गाड़ी में सफर करना दुनिया को एक मजबूत रणनीतिक संदेश देता है। यह दर्शाता है कि भारत अपनी विदेश नीति किसी तीसरे देश या गुट के दबाव में तय नहीं करता है। इसके अलावा, अंतहीन युद्ध को समाप्त करने की वकालत कर पीएम मोदी ने भारत को रूस और पश्चिमी देशों के बीच एक विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में भी स्थापित किया है।

बुद्ध और गांधी की धरती से शांति का संदेश
द्विपक्षीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध के शांति संदेशों का उल्लेख किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि "युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता में नई उम्मीद और उत्साह भरता है"। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया को अंतहीन युद्ध से बाहर निकलकर युद्ध के अंत की ओर बढ़ना चाहिए।

द्विपक्षीय सहयोग और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा
बैठक में दोनों नेताओं ने राजनीति, अर्थव्यवस्था, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने 24 अगस्त 2026 को मॉस्को में हुई भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के सकारात्मक परिणामों का स्वागत किया। वार्ता के दौरान पश्चिम एशिया और ब्लैक सी (काला सागर) में जारी संघर्षों पर भी चर्चा हुई, जिससे समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि किसी भी विवाद का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है।

18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए पुतिन को न्योता
वर्ष 2026 में भारत BRICS संगठन की अध्यक्षता कर रहा है। इस अवसर का लाभ उठाते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को 12-13 सितंबर 2026 को भारत में आयोजित होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया है।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!