दक्षिणी लेबनान पर इजराइल का कहर, हवाई हमलों में 7 की मौत

Edited By Updated: 02 May, 2026 11:26 PM

seven people killed in israeli airstrikes in southern lebanon

दक्षिणी लेबनान में शनिवार को हुए इजराइली हवाई हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इजराइल ने यह हमला ऐसे समय में किया है, जब उसकी सेना ने नौ दक्षिणी गांवों के निवासियों को वहां से हटने की नयी चेतावनी जारी की थी। इजराइली...

इंटरनेशनल डेस्क : दक्षिणी लेबनान में शनिवार को हुए इजराइली हवाई हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इजराइल ने यह हमला ऐसे समय में किया है, जब उसकी सेना ने नौ दक्षिणी गांवों के निवासियों को वहां से हटने की नयी चेतावनी जारी की थी। इजराइली सेना और लेबनान के चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला ने 17 अप्रैल से लागू संघर्ष विराम के बावजूद अपने हमले जारी रखे हैं।

लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी 'नेशनल न्यूज एजेंसी' ने बताया कि कफर दजल गांव में एक कार पर हवाई हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, लुवाइजेह गांव में एक घर पर हुए हमले में तीन लोग मारे गए। समाचार एजेंसी के अनुसार, एक अन्य गांव पर हुए हमले में दो लोगों की जान चली गई।

इजराइली सेना की प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एला वावेया ने 'एक्स' पर पोस्ट किया कि इजराइल की वायु सेना ने पिछले 24 घंटों में लगभग 50 हवाई हमले किए। उन्होंने बताया कि इन हमलों में हिज्बुल्ला के बुनियादी ढांचे और सदस्यों को निशाना बनाया। दस दिनों का संघर्षविराम 17 अप्रैल को लागू हुआ था। बाद में, इसे तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया। सीमावर्ती गांव यारून में, इजराइली सेना ने बुलडोजर से एक कैथोलिक कॉन्वेंट के कुछ हिस्सों को नष्ट कर दिया, जो हालिया लड़ाई के कारण खाली पड़ा था।

 'बेसिलियन साल्वाटोरियन सिस्टर्स' की प्रमुख ग्लैडिस सब्बाग ने कहा, ''हमने जो सुना है, वह यह है कि इसे बुलडोजर से नष्ट किया गया।'' सब्बाग ने 'एसोसिएटेड प्रेस' को बताया कि कॉन्वेंट में एक स्कूल भी था, जो 2006 के इजराइल-हिज्बुल्ला युद्ध के बाद से बंद था। वहां एक क्लिनिक भी था जिसे हाल ही में पास के गांव रमीच में स्थानांतरित कर दिया गया था। इजराइली सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि जब सेना यारून में हिज्बुल्ला के बुनियादी ढांचे को नष्ट कर रही थी, तो एक ऐसा भवन क्षतिग्रस्त हो गया जिस पर कोई धार्मिक चिह्न नहीं था।

सेना ने कहा कि हिज्बुल्ला ने अतीत में कई मौकों पर इस परिसर का इस्तेमाल इजराइल की ओर रॉकेट दागने के लिए किया था। इजराइली सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जानबूझकर धार्मिक संस्थानों पर हमला नहीं करती। लेबनान के कैथोलिक चर्च ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि इस परिसर का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया गया था। 

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