Edited By Pardeep,Updated: 03 May, 2026 12:34 AM

डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां सहूलियतें बढ़ी हैं, वहीं साइबर ठगों का जाल भी तेजी से फैल रहा है। ताजा मामला हैदराबाद का है, जहां एक 51 वर्षीय निजी कंपनी के कर्मचारी को ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 1.08 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया गया। पीड़ित...
हैदराबाद: डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां सहूलियतें बढ़ी हैं, वहीं साइबर ठगों का जाल भी तेजी से फैल रहा है। ताजा मामला हैदराबाद का है, जहां एक 51 वर्षीय निजी कंपनी के कर्मचारी को ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर 1.08 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया गया। पीड़ित की शिकायत पर साइबरबाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
टेलीग्राम पर आया था 'जालसाज' का मैसेज
ठगी की शुरुआत 9 मार्च को हुई, जब पीड़ित के टेलीग्राम ऐप पर रोनाल्ड ब्राउन नाम के व्यक्ति का मैसेज आया। ठग ने खुद को लंदन की एक स्टॉक ट्रेडिंग कंपनी से जुड़ा बताया और फॉरेक्स ट्रेडिंग में एक्सपर्ट गाइडेंस देने का भरोसा दिलाया। उसने पीड़ित को 'm.roewatson.com' और 'm.ftmohub.cc' जैसी वेबसाइट्स पर ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए प्रेरित किया।
महिलाओं ने भी बुना झांसा
इस धोखाधड़ी में केवल रोनाल्ड ही नहीं, बल्कि 'निशा' और 'हरिणी' नाम की दो महिलाएं भी शामिल थीं। वे पीड़ित को रोजाना 1,000 डॉलर से ज्यादा की कमाई का लालच देती रहीं और ज्यादा मुनाफे के लिए बार-बार बड़ी रकम निवेश करने के लिए कहती रहीं। पीड़ित ने 9 मार्च से 20 अप्रैल के बीच कुल 1.08 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए, उसे लगा कि यह पैसा डॉलर में बदलकर उसे वापस मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
टैक्स और कन्वर्जन चार्ज के नाम पर मांगी और रकम
जब पीड़ित ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने उससे टैक्स और कन्वर्जन चार्ज के नाम पर और पैसों की मांग की। शक होने पर जब पीड़ित ने वेबसाइट्स की जांच की, तो वे फर्जी निकलीं।
ठगी से बचने के लिए खास सावधानियां (स्त्रोत के अनुसार):
- अनजान लिंक्स से बचें: टेलीग्राम, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- वेबसाइट की जांच करें: किसी भी साइट पर अपनी डिटेल्स डालने से पहले उसके रिव्यू गूगल या अन्य प्लेटफॉर्म पर जरूर पढ़ें।
- लालच में न आएं: ज्यादा मुनाफे के झांसे में न फंसे, क्योंकि असली निवेश में जोखिम होता है, कोई गारंटी नहीं।
- गोपनीयता बनाए रखें: कभी भी अपनी बैंकिंग डिटेल्स या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
- तुरंत करें शिकायत: किसी भी तरह का शक होने पर तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल या पुलिस को सूचित करें।