शमीमा बेगम की ब्रिटिश नागरिकता रद्द किए जाने की चुनौती विफल, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अंतिम अपील

Edited By Updated: 07 Aug, 2024 07:27 PM

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शमीमा बेगम ने आज ब्रिटिश नागरिकता रद्द किए जाने के खिलाफ अपनी अंतिम अपील खो दी। ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने उसे दोबारा अपील करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

इंटरनेशनल डेस्क: शमीमा बेगम ने आज ब्रिटिश नागरिकता रद्द किए जाने के खिलाफ अपनी अंतिम अपील खो दी। ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने उसे दोबारा अपील करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। शमीमा बेगम की नागरिकता 2015 में तब रद्द कर दी गई थी जब उसने 15 साल की उम्र में इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह में शामिल होने के लिए ब्रिटेन छोड़ा और सीरियाई शरणार्थी शिविर में मिली। उसने इसके बाद नागरिकता रद्द करने के फैसले के खिलाफ अपील की, जो पिछले साल विशेष आव्रजन अपील आयोग (एसआईएसी) में असफल रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की अंतिम अपील
आज, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने कहा कि बेगम की अपील में कोई कानूनी मुद्दा नहीं है और इसलिए उसकी पुनः अपील को अस्वीकार कर दिया। न्यायाधीशों ने यह भी कहा कि यह अदालत का काम नहीं है कि वे यह तय करें कि बेगम अपने दुर्भाग्य की जिम्मेदार हैं या नहीं। अदालत का एकमात्र काम यह देखना था कि नागरिकता रद्द करने का निर्णय कानूनी था या नहीं, और चूंकि यह कानूनी था, बेगम की अपील खारिज कर दी गई।

शमीमा और उसके परिवार के साथ बने रहेंगे- वकील
मार्च में अपील न्यायालय ने भी बेगम की सर्वोच्च न्यायालय में मामला ले जाने की प्रारंभिक मांग को अस्वीकार कर दिया था। बेगम के वकील डैनियल फर्नेर ने कहा कि वे शमीमा और उसके परिवार के साथ बने रहेंगे और जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता और वह सुरक्षित घर वापस नहीं आती, वे लड़ाई जारी रखेंगे।

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