Edited By Tanuja,Updated: 19 Mar, 2026 07:45 PM

Iran ने जनवरी विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार तीन लोगोंको फांसी दे दी। मानवाधिकार संगठनों ने इसे लेकर गंभीर चिंता जताई है।
International Desk: ईरान (Iran) ने जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए तीन लोगों को फांसी दे दी है। यह इस मामले में फांसी का पहला ज्ञात मामला माना जा रहा है। ईरान की न्यायपालिका से जुड़ी मिजान न्यूज एजेंसी के अनुसार, मेहदी घासेमी, सालेह मोहम्मदी और सईद दावूदी ( Mehdi Ghasemi, Saleh Mohammadi and Saeed Davoudi) को मौत की सजा दी गई और उसे लागू किया गया। इनमें 19 साल का एक नेशनल रेसलिंग चैंपियन भी शामिल है जिसे जनवरी के विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के जुर्म में फाँसी दी गई।
लोगों का कहना है कि यातना देकर उनसे झूठे बयान दिलवाए गए और उन्हें वकील से मिलने की अनुमति भी नहीं दी गई। पूरी दुनिया को, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( DonaldTrump) भी शामिल हैं, यह संकेत देने के बाद कि वे प्रदर्शनकारियों को फाँसी देना रोक देंगे, सरकार ने ठीक इसका उल्टा किया है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि उन्हें यातनाएँ दी गईं। ज़बरदस्ती गुनाह कबूल करवाया गया। अपनी पसंद के वकील से मिलने की इजाज़त नहीं थी। सुनवाई बंद दरवाज़ों के पीछे हुई। अपील करने का कोई अधिकार नहीं था।
Today, in Iran, in the middle of a war, the regime executed a 19-year-old national wrestling champion for the crime of joining January protests. 💔
After signaling to the world, including President @realDonaldTrump, that they would halt executions of protesters, the regime has… pic.twitter.com/GzaoiI71JJ
— Masih Alinejad 🏳️ (@AlinejadMasih) March 19, 2026
रिपोर्ट के अनुसार, इन तीनों पर आरोप था कि उन्होंने विरोध प्रदर्शनों के दौरान Qom शहर में दो पुलिस अधिकारियों की चाकू मारकर हत्या की थी। ईरानी न्यायपालिका पहले ही संकेत दे चुकी थी कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें फांसी जैसी सजा भी शामिल हो सकती है। जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों को ईरान ने कड़े बल प्रयोग से दबा दिया था।मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि और लोगों को भी फांसी दी जा सकती है। बड़े पैमाने पर सजा देने का खतरा बना हुआ है