होर्मुज जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए 'पूरी तरह से खुला' है: ईरान

Edited By Updated: 17 Apr, 2026 10:57 PM

strait of hormuz  completely open  to all commercial vessels iran

ईरान ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए ''पूरी तरह से खुला'' है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम का स्वागत किया है। ट्रंप ने हालांकि कहा कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी तब तक ''पूरी ताकत'' के साथ...

नेशनल डेस्क : ईरान ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए ''पूरी तरह से खुला'' है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम का स्वागत किया है। ट्रंप ने हालांकि कहा कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी तब तक ''पूरी ताकत'' के साथ जारी रहेगी जब तक तेहरान युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ समझौता नहीं कर लेता। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''लेबनान में हुए संघर्षविराम के मद्देनजर, होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग युद्धविराम की शेष अवधि के लिए पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है।''

अराघची ने हालांकि कहा कि जहाजों को ईरान के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा ''पहले से घोषित मार्ग'' पर ही चलना होगा। इसके कुछ मिनट बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में इस घोषणा को साझा किया। इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने की घोषणा राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लेबनान और इजराइल के बीच 10 दिवसीय संघर्षविराम की घोषणा किए जाने के एक दिन बाद की गई है। दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने मध्यरात्रि के बाद से कोई हवाई हमला नहीं देखा है, लेकिन उन्होंने इजराइली सेना पर दक्षिणी लेबनान में हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने और गोलाबारी करने का आरोप लगाया। इस मामले में इजराइली सेना ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।

इस बीच ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए कहा, ''ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि ईरान जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और आवागमन के लिए पूरी तरह से तैयार है। धन्यवाद!'' अमेरिका और इजराइल के साथ संघर्ष के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से अवरुद्ध कर दिया था, जिससे वैश्विक ईंधन आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई थी। ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ''पूरी तरह से खुला है और व्यापार एवं आवागमन के लिए तैयार है, लेकिन ईरान के संबंध में नौसैनिक नाकेबंदी तब तक पूरी तरह से लागू रहेगी जब तक ईरान के साथ हमारा समझौता शत प्रतिशत पूरा नहीं हो जाता। यह प्रक्रिया बहुत तेजी से आगे बढ़नी चाहिए क्योंकि ज्यादातर बिंदुओं पर पहले ही बातचीत हो चुकी है।''

उन्होंने कहा कि ईरान, अमेरिका की मदद से होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान ने ''होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। इसका इस्तेमाल अब दुनिया के खिलाफ हथियार के रूप में नहीं किया जाएगा।'' ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता लेबनान से किसी भी तरह से जुड़ा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा, ''लेकिन हम लेबनान को फिर से महान बनाएंगे!''

यह घटनाक्रम पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर द्वारा तेहरान में शीर्ष ईरानी नेतृत्व के साथ वार्ता किए जाने के एक दिन बाद हुआ। यह वार्ता इस्लामाबाद द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को सुलझाने के प्रयासों के तहत हुई। मुनीर ने ईरान में एक उच्चस्तरीय राजनीतिक-सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने बृहस्पतिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और शीर्ष रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडरों से मुलाकात की थी। गालिबफ ने सप्ताहांत में अमेरिका के साथ वार्ता के लिए पाकिस्तान गए ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। उन्होंने अमेरिका से लेबनान में किसी भी शांति समझौते के प्रति प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया है।

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'इरना' के अनुसार, मुनीर ने रिवोल्यूशनरी गार्ड के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय का भी दौरा किया, जहां उन्होंने इसके कमांडर से मुलाकात की। तेहरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, बैठक के दौरान, उन्होंने आईआरजीसी के कमांडर के साथ युद्ध समाप्त करने के ढांचे के तहत उठाए गए कदमों और तेहरान में हुई हाल की वार्ता पर चर्चा की। इसने कहा कि दोनों पक्षों ने क्षेत्र की स्थिति और शांति एवं स्थिरता की संभावनाओं पर चर्चा की। मुनीर ने इस बात पर जोर दिया कि युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रयास जारी रहने चाहिए। इस्लामाबाद में सूत्रों ने बताया कि मुनीर ने ईरान और अमेरिका को इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर के लिए बातचीत की मेज पर लाने के लिए विस्तृत चर्चा की। इस संबंध में एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा, ''आगे की बातचीत से पहले भरोसा बढ़ाने के एक कदम के रूप में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति जताई।''

अमेरिकी मीडिया की खबर के अनुसार, ईरान परमाणु पदार्थ को लेकर अमेरिका की चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार है और बदले में, अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण अटके हुए अपने 20 अरब अमेरिकी डॉलर प्राप्त करना चाहता है। अमेरिका में यह भी खबर आ रही है कि बातचीत का दूसरा दौर संभवतः रविवार को ही आयोजित किया जा सकता है। अधिकारियों ने हालांकि कहा कि बातचीत अगले सप्ताह होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अगले दौर की बातचीत का समय और स्थान अभी तक तय नहीं हुआ है।

अमेरिका और ईरान ने सप्ताहांत में संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से पाकिस्तान में वार्ता की थी, लेकिन गत रविवार सुबह बिना किसी समझौते के वार्ता समाप्त हो गई थी। इस बीच, पाकिस्तान ने अगले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी की तैयारी शुरू कर दी है। पाकिस्तान में आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने के लिए गहन राजनयिक प्रयास किए गए। सूत्रों ने बताया कि ये प्रयास सफल रहे क्योंकि दोनों पक्ष दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम का पालन कर रहे हैं, जिससे पाकिस्तान को मध्यस्थता के अपने प्रयासों को फिर से शुरू करने का मौका मिल गया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को तीन देशों के दौरे पर रवाना हुए थे जबकि फील्ड मार्शल मुनीर तेहरान के लिए रवाना हुए थे। सऊदी अरब और कतर के नेताओं के साथ चर्चा के बाद, शहबाज बृहस्पतिवार की रात तुर्किये पहुंचे, जहां उन्होंने शुक्रवार को ट्रंप के अरब और अफ्रीकी मामलों के वरिष्ठ सलाहकार मसाद बोलोस से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज और बोलोस ने ''क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की, जिसमें पाकिस्तान के शांति प्रयासों पर भी बात हुई, जिनके कारण युद्धविराम हुआ और इसके साथ ही ऐतिहासिक इस्लामाबाद वार्ता पर भी चर्चा हुई।''

पाकिस्तान के अधिकारियों के अनुसार, वार्ता के दूसरे दौर की तैयारियां ''इस्लामाबाद और पड़ोसी रावलपिंडी में शुरू हो गई हैं क्योंकि बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक कर्मी अन्य प्रांतों से आने लगे हैं।'' ऐसी भी खबरें हैं कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी जिलों के अधिकारियों ने परिवहन कंपनियों से संपर्क कर उन्हें सूचित किया है कि अन्य शहरों से आने वाले यातायात को भारी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश के अनुसार ये प्रतिबंध अगले सप्ताह के अंत तक जारी रह सकते हैं। इसमें नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अगले सप्ताह अनावश्यक यात्रा से बचें या पहले से ही योजना बना लें।

शांति समझौते की संभावनाओं को तब और बल मिला जब राष्ट्रपति ट्रंप ने बृहस्पतिवार को पत्रकारों से कहा कि अगर ईरान के साथ समझौता हो जाता है तो वह इस्लामाबाद की यात्रा कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया था कि तेहरान ने वर्तमान में बातचीत के तहत ''लगभग सबकुछ'' स्वीकार कर लिया है। नेवादा और एरिजोना के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने व्हाइट हाउस के लॉन में पत्रकारों से कहा, ''अगर इस्लामाबाद में कोई समझौता हो जाता है, तो मैं जा सकता हूं...वे मुझे चाहते हैं।'' यह संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडर मारे गए। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की अवधि 21 अप्रैल को समाप्त हो जाएगी। 

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