Edited By Parveen Kumar,Updated: 17 Apr, 2026 11:35 PM

होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से भारत समेत कई देशों को राहत मिलने वाली है, क्योंकि जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है। बता दें कि 28 फरवरी को ईरान और इजरायल के बीच जंग छिड़ी, जिसमें अमेरिका भी कूद पड़ा था, उसने ग्लोबल सप्लाई चेन की...
नेशनल डेस्क : होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से भारत समेत कई देशों को राहत मिलने वाली है, क्योंकि जहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस गुजरता है। बता दें कि 28 फरवरी को ईरान और इजरायल के बीच जंग छिड़ी, जिसमें अमेरिका भी कूद पड़ा था, उसने ग्लोबल सप्लाई चेन की कमर तोड़ दी थी। इस आर्थिक संकट की सबसे बड़ी वजह थी ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) का बंद होना। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज को व्यापार के लिए पूरी तरह से खोलने का ऐलान कर दिया है। आइए जानते हैं होर्मुज के खुलने से भारत को मिले 3 फायदे...
1. क्रूड ऑयल के गिरे दाम
देश में कच्चे तेल का 85% हिस्सा विदेशों से खरीदता है, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से आने वाले तेज होर्मुज के रास्ते से भारत पहुंचता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जैसे ही समुद्री रास्ते को खोलने का आदेश दिया, इसी के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई। बता दें कि शुक्रवार रात क्रूड ऑयल 12 प्रतिशत टूटकर 83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, ब्रेंट क्रूड भी 11 फीसदी फिसलकर 87 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है। कच्चा तेल सस्ता होने से भारत का आयात बिल (Import Bill) काफी कम होगा। इससे सरकारी खजाने पर दबाव घटेगा और देश का करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) सुधरेगा, जो अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक है।
2. शेयर बाजार होगा मजबूत
होर्मुज का रास्ता खुलना शेयर बाजार के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को बंद होने के बाद यह अहम खबर आई, लेकिन ‘गिफ्ट निफ्टी’ (Gift Nifty) में इसका असर तुरंत दिखा। गिफ्ट निफ्टी 400 अंकों से ज्यादा (करीब 2 फीसदी) की छलांग लगा चुका है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सोमवार को जब भारतीय बाजार खुलेंगे, तो निवेशकों को शानदार शुरुआत देखने को मिलेगी। खासतौर पर कच्चे तेल के दाम गिरने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) के साथ-साथ पेंट, टायर और एविएशन सेक्टर के शेयरों में तगड़ी खरीदारी की उम्मीद है।
3. सोने-चांदी में भयंकर तेजी
मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होने पर आमतौर पर सोने की कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है, लेकिन इस बार हालात कुछ अलग रहे। बढ़ते तनाव के देखते हुए लोगों ने सोना-चांदी जैसी कीमती चीजें खरीदने बंद कर दी, क्योंकि कीमतों में भी लगाता उछाल आ रहा था। MCX पर चांदी 5 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 2.61 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. वहीं, सोने में भी 1.50 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है, जिससे 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.55 लाख रुपये हो गया है।