Edited By Pardeep,Updated: 08 Apr, 2026 09:59 PM

अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है।
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की घोषणा के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है। इजराइल और लेबनान के बीच जंग तेज हो गई है, जिससे हालात और नाजुक हो गए हैं। ईरान ने साफ कहा है कि अगर लेबनान पर इजराइली हमले जारी रहे, तो वह अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम से पीछे हट सकता है। ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि सीजफायर के बावजूद उस पर हमले हो रहे हैं। लवान और सीरी आइलैंड पर हमलों का जिक्र करते हुए उसने इजराइल पर समझौता तोड़ने का आरोप लगाया।
होर्मुज में टैंकरों की आवाजाही पर रोक
लेबनान पर बढ़ते हमलों के बाद ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों की आवाजाही रोक दी है। यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए चिंता का कारण बन सकता है।
‘सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं’—अमेरिका और इजराइल का रुख
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह युद्धविराम सिर्फ अमेरिका और ईरान के बीच है, इसमें लेबनान शामिल नहीं है। वहीं इजराइल का कहना है कि लेबनान में हिजबुल्लाह की सक्रियता के कारण वहां सीजफायर लागू नहीं होता। इजराइल ने एक तरफ अमेरिका-ईरान युद्धविराम का समर्थन किया है, लेकिन दूसरी तरफ लेबनान पर अपने हवाई हमले तेज कर दिए हैं।
14 दिन का युद्धविराम, लेकिन शुरुआत में ही संकट
करीब 40 दिन तक चले संघर्ष के बाद अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों का सीजफायर हुआ था। इस दौरान दोनों देशों को एक-दूसरे पर हमला नहीं करना है, लेकिन कुछ ही घंटों में हालात फिर बिगड़ते दिख रहे हैं।
लेबनान के राष्ट्रपति की कड़ी निंदा
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजराइली हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने बेरूत और अन्य इलाकों में हुए हमलों को “बर्बर” बताते हुए तनाव बढ़ाने के लिए इजराइल को जिम्मेदार ठहराया।
बढ़ता नुकसान- 89 की मौत, 700 घायल
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बुधवार को हुए इजराइली हमलों में 89 लोगों की मौत हो गई, जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमलों में कई इमारतें तबाह हो गई हैं, अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है और बचाव दल मलबे में लोगों को खोजने में जुटे हैं।