Edited By Tanuja,Updated: 09 Aug, 2026 04:41 PM

चीन में 10 साल से अधिक समय से शिक्षक के तौर पर रह रहे एक ताइवानी नागरिक को मई से हिरासत में रखे जाने की खबर है। ताइवान को आशंका है कि उसकी धार्मिक गतिविधियां इसकी वजह हो सकती हैं। परिवार ने जून में जानकारी दी थी। चीन से संपर्क के बावजूद अभी तक कोई...
Bejing: चीन में एक ताइवानी नागरिक और शिक्षक की हिरासत का मामला सामने आने के बाद ताइवान में चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति पिछले 10 साल से ज्यादा समय से चीन में रहकर शिक्षक के तौर पर काम कर रहा था और मई से हिरासत में है। ताइवान के अधिकारियों को आशंका है कि उसकी धार्मिक गतिविधियां हिरासत की वजह हो सकती हैं। हालांकि, चीन की ओर से अभी इस मामले में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। ताइवान की स्ट्रेट्स एक्सचेंज फाउंडेशन (SEF) के महासचिव लुओ वेन-जिया ने हाल ही में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान या अन्य निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
परिवार ने 1 जून को SEF को इस हिरासत के बारे में जानकारी दी थी। इसके करीब एक सप्ताह के भीतर फाउंडेशन ने चीन की एसोसिएशन फॉर रिलेशंस अक्रॉस द ताइवान स्ट्रेट्स (ARATS) से संपर्क किया, लेकिन अभी तक वहां से कोई जवाब नहीं मिला है। ताइवान की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में SEF को ऐसी जानकारी मिली कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति आई-कुआन ताओ (I-Kuan Tao) नामक धार्मिक आंदोलन से जुड़ा हुआ था। SEF के महासचिव लुओ वेन-जिया ने आशंका जताई कि उसकी धार्मिक गतिविधियों का हिरासत से संबंध हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इसी दौरान दो अन्य ताइवानी नागरिकों को भी चीन के सार्वजनिक सुरक्षा अधिकारियों ने हिरासत में लिया था। हालांकि, बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया। इन दोनों लोगों का हिरासत में लिए गए शिक्षक से क्या संबंध था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इस मामले में एक बड़ी चुनौती यह भी है कि ताइवान की SEF और चीन की ARATS के बीच आधिकारिक संपर्क 2016 से ही निलंबित है। यह स्थिति तब बनी थी, जब ताइवान में डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) सत्ता में वापस आई थी। ऐसे में चीन में हिरासत में लिए गए ताइवानी नागरिकों के मामलों में जानकारी हासिल करना और अधिकारियों से सीधा संपर्क करना ताइवान के लिए मुश्किल बना हुआ है।
चीन यात्रा को लेकर ताइवान की चेतावनी
ताइवान लंबे समय से अपने नागरिकों को चीन की यात्रा को लेकर सावधानी बरतने की चेतावनी देता रहा है। ताइवान के मुताबिक, चीन में ताइवानी नागरिकों की निगरानी और हिरासत से जुड़े मामले चिंता का विषय बने हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2024 से 22 जुलाई 2026 के बीच ताइवान ने चीन में अपने 154 नागरिकों के लापता होने, 32 लोगों से पूछताछ और 216 लोगों के हिरासत में लिए जाने के मामले दर्ज किए। इन 216 हिरासत मामलों में 134 मामले धोखाधड़ी से, 58 अन्य अपराधों से, 23 धार्मिक गतिविधियों से और एक मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया गया है।
चेतावनियों के बावजूद चीन गए 18.5 लाख ताइवानी
ताइवान की चेतावनियों के बावजूद चीन की यात्रा करने वाले लोगों की संख्या कम नहीं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के पहले छह महीनों में करीब 18.5 लाख ताइवानी नागरिक चीन गए, जो 2025 की इसी अवधि के मुकाबले 21.5 प्रतिशत अधिक है। इससे ताइवान के सामने एक बड़ी चुनौती भी सामने आती है एक तरफ चीन के साथ लोगों का आना-जाना जारी है, तो दूसरी तरफ हिरासत और निगरानी के मामलों को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ रही हैं। ताइवानी शिक्षक की हिरासत का यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब ताइवान और चीन के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। धार्मिक गतिविधियों को लेकर संभावित हिरासत की खबर ने ताइवान की उन चिंताओं को और बढ़ा दिया है, जिनमें चीन में ताइवानी नागरिकों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।