Edited By Tanuja,Updated: 07 Sep, 2026 05:21 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ करीब एक घंटे में सात पोस्ट साझा कीं। उन्होंने ईरान की गिरती मुद्रा, तेल निर्यात और खार्ग द्वीप को निशाना बनाया। एक पोस्ट में ईरान के नक्शे पर अपना चेहरा लगाया। तेहरान ने अमेरिकी दबाव के बावजूद अपनी...
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार कई पोस्ट किए, जिनमें उन्होंने तेहरान की अर्थव्यवस्था, तेल निर्यात, मुद्रा और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। करीब एक घंटे के भीतर ट्रंप ने ईरान से जुड़ी सात पोस्ट साझा कीं।इन पोस्ट में एक तरफ ईरान की अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी दबाव का दावा किया गया, तो दूसरी तरफ खार्ग द्वीप और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे रणनीतिक इलाकों को लेकर चेतावनी भरे संदेश दिए गए। ट्रंप की पहली पोस्ट में ईरान का नक्शा दिखाया गया, जिस पर उनका चेहरा लगाया गया था। यह पोस्ट ईरान के साथ जारी टकराव को लेकर ट्रंप की व्यक्तिगत और आक्रामक शैली को दिखाती है। इससे कुछ दिन पहले भी ट्रंप ने रणनीतिक Strait of Hormuz का नाम बदलकर "TRUMP STRAIT" करने का विचार सामने रखा था।
इसके बाद ट्रंप ने ईरान के तेल निर्यात को निशाना बनाया। उन्होंने "IRAN'S OIL EXPORTS ARE CRASHING!" संदेश वाली एक ग्राफिक पोस्ट की। इसमें 2025 में करीब 20 लाख बैरल प्रतिदिन के स्तर से 2026 में तेल निर्यात के लगभग शून्य तक गिरने और फिर कुछ सुधार का दावा करने वाला चार्ट दिखाया गया।ईरान की अर्थव्यवस्था तेल से होने वाली कमाई पर काफी निर्भर है। ऐसे में तेल निर्यात पर दबाव अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक टकराव का अहम हिस्सा बना हुआ है। ट्रंप की एक अन्य पोस्ट में ईरानी मुद्रा रियाल की गिरती कीमत को दिखाया गया। ग्राफिक पर लिखा था-"Iran's Currency is DESTROYED"। एक अन्य ग्राफिक में दावा किया गया कि ईरान में हाइपरइन्फ्लेशन है और डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत तेजी से गिरी है।
ईरानी अधिकारियों ने भी देश की अर्थव्यवस्था में महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा में अस्थिरता जैसी समस्याओं को स्वीकार किया है। हालांकि ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदनिजादेह ने कहा है कि इन समस्याओं का समाधान ईरान की सरकार और जनता की जिम्मेदारी है, न कि अमेरिका की। ट्रंप की पोस्टिंग का सबसे आक्रामक हिस्सा खार्ग द्वीप को लेकर था। उन्होंने "Bye Bye, Kharg" लिखी एक AI-जनरेटेड ग्राफिक साझा की, जिसमें एक लड़ाकू विमान और आग की लपटों से घिरी तेल सुविधा दिखाई गई। खार्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश के कच्चे तेल के निर्यात का बड़ा हिस्सा ऐतिहासिक रूप से इसी क्षेत्र से होता रहा है।ट्रंप पहले भी खार्ग को लेकर AI तस्वीर और वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। 31 अगस्त को उन्होंने एक AI वीडियो साझा किया था, जिसमें खार्ग द्वीप को तबाह होते हुए दिखाया गया था।

ट्रंप की पोस्टिंग का अंत ईरान के नक्शे वाली एक ग्राफिक से हुआ, जिस पर लिखा था-"Iran is a Failing Nation!" पूरी पोस्टिंग को देखें तो ट्रंप का संदेश यह था कि अमेरिकी आर्थिक और सैन्य दबाव के कारण ईरान कई मोर्चों पर संकट में है-तेल निर्यात प्रभावित है, मुद्रा कमजोर हो रही है और उसके महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे पर खतरा बढ़ रहा है।ईरान ने अमेरिकी दबाव के बावजूद अपनी नीति बदलने से इनकार किया है। ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदनिजादेह ने कहा कि आर्थिक सुधार की जिम्मेदारी ईरान की अपनी सरकार और जनता की है।

वहीं ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि आगे कोई हमला हुआ तो ईरान की प्रतिक्रिया पहले से ज्यादा तेज और भारी होगी। उन्होंने कहा कि "खेल के नियम बदल गए हैं।" अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर समुद्री क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा अमेरिकी नौसेना के दो जहाजों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने के बाद अमेरिका ने तीन ईरानी टैंकरों को निशाना बनाया।