अमेरिका-चीन में बड़ा व्यापार समझौता; 30 अरब डॉलर के सामान पर टैरिफ राहत, दुर्लभ खनिज पर भी बनी सहमति

Edited By Updated: 27 Sep, 2026 02:39 PM

us china agree on favourable tariff for 30 bn non sensitive goods

अमेरिका और चीन ने 30-30 अरब डॉलर के गैर-संवेदनशील सामान पर अधिक अनुकूल शुल्क व्यवस्था की सिफारिशों पर सहमति बनाई। चीन अमेरिकी कोयला आयात बढ़ाएगा। दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति पर बातचीत जारी रहेगी। दोनों देशों ने अत्याधुनिक कृत्रिम मेधा के जोखिमों और...

Washington: अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव कम करने की दिशा में एक अहम कदम सामने आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तीन दिवसीय शिखर बैठक के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे के 30-30 अरब डॉलर के गैर-संवेदनशील सामान को अधिक अनुकूल शुल्क व्यवस्था देने पर सहमति बनाई है। इसके साथ ही उभरती तकनीकों, खासकर अत्याधुनिक कृत्रिम मेधा, से जुड़े जोखिमों और संभावनाओं पर नियमित बातचीत के लिए नया संवाद तंत्र भी स्थापित किया गया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी तथ्य-पत्र के अनुसार, मई 2026 में बीजिंग में हुई बैठक के दौरान गठित अमेरिका-चीन व्यापार बोर्ड और अमेरिका-चीन निवेश बोर्ड को अब कामकाजी रूप दिया गया है। व्यापार बोर्ड के तहत दोनों पक्षों ने 30 अरब डॉलर के गैर-संवेदनशील सामान के लिए अधिक अनुकूल शुल्क व्यवस्था से संबंधित सिफारिशों पर सहमति बनाई है।

 

अमेरिका से चीन जाने वाले उन सामान में कृषि उत्पाद, मछली और समुद्री खाद्य पदार्थ, लकड़ी, सौंदर्य प्रसाधन और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं, जिन पर नई शुल्क व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की गई है। वहीं चीन से अमेरिका आने वाले सामान में छोटे घरेलू उपकरण, खिलौने, छुट्टियों से जुड़े सजावटी सामान और बच्चों की कार सीटें शामिल हैं। दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में बाजार तक पहुंच से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए एक अलग कार्यसमूह बनाने पर भी सहमति जताई है। व्यापार समझौते के तहत चीन 2027 और 2028 में हर वर्ष कम से कम एक करोड़ मीट्रिक टन अमेरिकी कोयला आयात करेगा। यह समझौता दोनों देशों के ऊर्जा व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका-चीन निवेश बोर्ड निवेश के अवसरों और निवेश से जुड़ी बाधाओं पर चर्चा करेगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण व्यावसायिक निवेश से जुड़े मुद्दों को उठाने और उनके समाधान के लिए एक व्यवस्थित माध्यम उपलब्ध कराना है।

 

दोनों देश दुर्लभ मृदा तत्वों और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं पर भी काम जारी रखेंगे। तथ्य-पत्र के अनुसार, दोनों पक्षों का लक्ष्य इन खनिजों की आपूर्ति को उचित स्तर तक वापस लाना है, ताकि वैश्विक आपूर्ति शृंखला में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सके। दुर्लभ मृदा तत्व आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, विद्युत वाहनों, रक्षा उपकरणों और कई उन्नत तकनीकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इनकी आपूर्ति अमेरिका-चीन आर्थिक संबंधों का एक अहम मुद्दा बनी हुई है।व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका और चीन ने सम्मान, निष्पक्षता और पारस्परिकता के आधार पर रणनीतिक स्थिरता वाला रचनात्मक संबंध बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों देश जी20 और एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग मंच की मेजबानी के दौरान भी एक-दूसरे का समर्थन करेंगे। बैठक में रूस, उत्तर कोरिया और ईरान जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर किसी देश या संस्था द्वारा शुल्क लगाने के मुद्दे पर भी दोनों पक्षों ने अपना रुख साझा किया।
 

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