ट्रंप फिर खेल गए बड़ी गेमः पाकिस्तान में उपराष्ट्रपति वेंस को लगाया दांव पर, ईरान वार्ता बन सकती गले की फांस

Edited By Updated: 11 Apr, 2026 01:02 PM

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इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के लिए बड़ी परीक्षा बन गई है। पहली बार उन्हें बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट को संभालने की जिम्मेदारी मिली है। वार्ता की सफलता या विफलता उनके राजनीतिक करियर पर सीधा असर डाल सकती है, जबकि तेल...

International Desk:  इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता इस समय वैश्विक चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस वार्ता में अमेरिका की ओर से नेतृत्व कर रहे हैं उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, जिनके लिए यह मिशन किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं माना जा रहा।  इस्लामाबाद में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को आगे कर डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दांव खेला है। यह मिशन सफल हुआ तो वेंस चमकेंगे, असफल हुआ तो यही वार्ता उनके करियर के लिए मुश्किल बन सकती है।यह पहली बार है जब वेंस को इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। अभी तक उनकी राजनीति मुख्य रूप से घरेलू मुद्दों तक सीमित रही थी, लेकिन अब उन्हें वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता साबित करनी होगी।

 

अमेरिकी टीम में वेंस के साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनेर भी शामिल हैं। यह टीम डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों के आधार पर बातचीत कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, 1979 के बाद यह अमेरिका और ईरान के बीच सबसे अहम उच्चस्तरीय वार्ताओं में से एक है। ऐसे में अगर यह वार्ता सफल होती है, तो वेंस का कद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन अगर बातचीत असफल रहती है, तो इसका नकारात्मक असर उनके करियर पर पड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी है, जहां तनाव के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है और कीमतें बढ़ी हैं। वेंस के सामने यह चुनौती भी है कि ईरान को इस अहम समुद्री मार्ग को पूरी तरह खोलने के लिए राजी किया जाए।

 

इसी बीच इजराइल और हिजबुल्ला के बीच जारी संघर्ष स्थिति को और जटिल बना रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने भी वेंस के “युद्ध के खिलाफ रुख” को देखते हुए उन्हें इस वार्ता के लिए उपयुक्त माना, जिसके बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई। पहले भी ऐसे कूटनीतिक मिशन होते रहे हैं। कमला हैरिस को फ्रांस भेजा गया था, जबकि माइक पेंस ने तुर्किए में संघर्षविराम की कोशिश की थी।कुल मिलाकर, इस्लामाबाद की यह वार्ता सिर्फ अमेरिका-ईरान संबंधों के लिए ही नहीं, बल्कि जेडी वेंस के राजनीतिक भविष्य के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है।
 
 

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