ट्रंप से गद्दारी कर रहा पाकिस्तानः US हमलों से बचाने को अपने एयरबेस में छिपाए ईरानी विमान, रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Edited By Updated: 12 May, 2026 11:29 AM

pakistan parked iranian planes on its airbases to escape u s airstrikes report

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए अपने एयरबेस इस्तेमाल करने दिए। इस खुलासे के बाद अमेरिका में पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। पाकिस्तान ने इन आरोपों को...

 

International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच पाकिस्तान की भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान अमेरिका से गद्दारी कर रहा है।  इस्लामाबाद ने अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए ईरानी सैन्य विमानों को अपने एयरबेस में शरण दी। इस खुलासे के बाद वॉशिंगटन में हड़कंप मच गया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी नेताओं ने पाकिस्तान की “दोहरी नीति” पर गंभीर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। 'सीबीएस न्यूज' ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से एक खबर में  बताया कि अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अमेरिकी हवाई हमलों से बचाने के लिए अपने हवाई अड्डों में जगह दी थी। खबर में यह भी दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिकी हवाई हमलों से बचने के लिए अपने नागरिक विमानों को अफगानिस्तान में खड़ा किया था।

 

इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए रिपब्लिकन पार्टी के सांसद लिंडसे ग्राहम ने अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त कराने के लिए मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका पर फिर से विचार करने की जरूरत पर जोर दिया। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था। साउथ कैरोलिना से सांसद ग्राहम ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अगर यह खबरें सही है तो ईरान, अमेरिका और अन्य पक्षों के बीच मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान द्वारा निभाई जा रही भूमिका पर एक बार फिर पूरी तरह से विचार करने की आवश्यक होगी।'' 'सीबीएस' ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से खबर में कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अप्रैल में युद्धविराम की घोषणा के तुरंत बाद ईरान ने पाकिस्तान के नूर खान हवाई अड्डे पर एक टोही और खुफिया विमान सहित ''कई विमान'' भेजे थे।

 

वहीं पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नूर खान 'एयर बेस' से जुड़े दावों को खारिज करते हुए सीबीएस न्यूज से कहा कि ''नूर खान हवाई अड्डा शहर के ठीक बीच में स्थित है, वहां खड़े विमानों के विशाल बेड़े को जनता की नजरों से छिपाया नहीं जा सकता''। अफगानिस्तान के एक नागरिक उड्डयन अधिकारी ने सीबीएस न्यूज को बताया कि 'महान एयर' से संबंधित एक ईरानी नागरिक विमान युद्ध शुरू होने से कुछ समय पहले काबुल में उतरा था और ईरानी हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद वहीं खड़ा रहा।  

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