Edited By Tanuja,Updated: 05 Aug, 2026 11:10 AM

अमेरिका ने ब्राजील की राजदूत मारिया लुइजा रिबेरो वियोटी का वीजा रद्द कर दिया है। वॉशिंगटन ने इसे ब्राजील की ओर से अमेरिकी राजनयिकों को वीजा न देने और अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति में देरी का जवाब बताया। ब्राजील ने इसे राजनीतिक कदम और अक्टूबर चुनाव को...
Washington : ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की सरकार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के बीच तनाव अब कूटनीतिक स्तर तक पहुंच गया है। अमेरिका ने वॉशिंगटन में तैनात ब्राजील की राजदूत मारिया लुइजा रिबेरो वियोटी का वीजा रद्द कर दिया है। अमेरिका ने इसे ब्राजील की ओर से उठाए गए कदमों का जवाब यानी पारस्परिक कार्रवाई बताया है। दिलचस्प बात यह है कि राजदूत को अमेरिका से निष्कासित नहीं किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अगर ब्राजील ट्रंप द्वारा ब्रासीलिया में अमेरिकी राजदूत के लिए नामित डैनी पेरेज की नियुक्ति को मंजूरी देता है, तो वीजा संबंधी फैसला वापस लिया जा सकता है।
ट्रंप प्रशासन ने क्यों लिया फैसला?
अमेरिका का कहना है कि ब्राजील ने पिछले महीने दो अमेरिकी राजनयिकों को वीजा देने से इनकार किया था। इन अमेरिकी अधिकारियों की ब्राजील यात्रा को लेकर ब्राजील सरकार ने चुनावी प्रक्रिया और उसकी निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठाए थे। इसके अलावा वॉशिंगटन ब्रासीलिया में अमेरिकी राजदूत के लिए ट्रंप के नामित उम्मीदवार की नियुक्ति को मंजूरी देने में ब्राजील की देरी से भी नाराज है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि उसने ब्राजील को अपना रुख बदलने का मौका देने के लिए यह कदम कई बार टाला था।
अमेरिका पर चुनाव में दखल का आरोप
ब्राजील सरकार ने अमेरिकी कार्रवाई को राजनीतिक बताया है। उसका आरोप है कि वीजा रद्द करने का कदम अक्टूबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। ब्राजील में लूला दोबारा राष्ट्रपति पद की दौड़ में हैं और उनका मुकाबला पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो से होने की उम्मीद है। फ्लावियो को ट्रंप प्रशासन और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है।
अर्जेंटीना से भी बिगड़े रिश्ते
ब्राजील की मुश्किल सिर्फ वॉशिंगटन तक सीमित नहीं है। पड़ोसी अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई के साथ भी लूला के रिश्ते लगातार खराब हो रहे हैं।मिलेई द्वारा लूला के खिलाफ लगातार तीखी टिप्पणियों के बाद ब्राजील ने अर्जेंटीना में अपनी राजनयिक मौजूदगी कम करने का ऐलान किया है। ब्राजील ने पहले ही अपने राजदूत जूलियो बिटेली को ब्यूनस आयर्स से वापस बुला लिया था और अब वहां राजदूत के बजाय निचले स्तर के राजनयिक प्रतिनिधि के जरिए काम चलाया जा रहा है।
मिलेई ने लूला को फिर निशाना बनाया
एपी के मुताबिक, मिलेई ने हाल के दिनों में कई बार लूला को अपमानजनक शब्दों से निशाना बनाया। उन्होंने ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अलेक्जेंड्रे डी मोरेस पर भी तीखी टिप्पणी की। मिलेई और लूला के रिश्तों में तनाव नया नहीं है। दिसंबर 2023 में मिलेई के राष्ट्रपति बनने के बाद से दोनों नेताओं की विचारधाराओं और विदेश नीति को लेकर लगातार टकराव देखने को मिला है। इस पूरे घटनाक्रम में एक राजनीतिक कड़ी भी नजर आती है। ट्रंप और मिलेई के बीच करीबी राजनीतिक संबंध हैं, जबकि फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील में लूला के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी हैं। एपी के अनुसार, फ्लावियो को राष्ट्रपति पद के लिए उनकी पार्टी ने आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है और उनके अभियान को मिलेई तथा ट्रंप प्रशासन से जुड़े कई लोगों का समर्थन हासिल करने की कोशिश दिखाई दे रही है।