US सैन्य घेराबंदी पर ईरान भी आक्रामक: खामेनेई ने कब्र वाली तस्वीर की शेयर ! बोले- अमेरिकी युद्धपोतों को ...

Edited By Updated: 18 Feb, 2026 04:47 PM

us warship in gulf can be sunk warns iran s khamenei

अमेरिका की सैन्य घेराबंदी के जवाब में ईरान भी आक्रामक तेवर दिखा रहा है। सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिकी युद्धपोतों को समुद्र में डुबोने की चेतावनी दी है। जिनेवा वार्ता के बीच दोनों देशों के युद्ध संकेतों से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर...

 International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब खुले युद्ध संकेतों का रूप ले लिया है। ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान के पास ऐसे हथियार हैं जो अमेरिकी जंगी बेड़े को समंदर में ही डुबो सकते हैं। उनके इस बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि तेहरान भी किसी भी टकराव के लिए खुद को तैयार मान रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब United States ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी अचानक बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों में अमेरिका ने 50 से अधिक अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की तैनाती की है, जिनमें एफ-22, एफ-35 और एफ-16 जैसे फाइटर जेट शामिल बताए जा रहे हैं। इनके साथ हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर भी भेजे गए हैं, जो लंबे सैन्य अभियान की तैयारी का संकेत देते हैं।

 

खामेनेई का सीधा हमला ट्रंप पर
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के युद्धपोत भेजने के दावे पर पलटवार करते हुए खामेनेई ने सोशल मीडिया पर एक विवादित तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में अमेरिका का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford समुद्र के नीचे डूबा हुआ दिखाया गया है, साथ में कब्र का प्रतीक भी लगाया गया है। खामेनेई ने लिखा कि युद्धपोत खतरनाक होते हैं, लेकिन उनसे भी ज्यादा खतरनाक वे हथियार हैं जो ऐसे जहाजों को समुद्र में समा सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह इशारा ईरान की एंटी-शिप मिसाइल क्षमताओं की ओर है।

 

जिनेवा में वार्ता, मैदान में सख्ती
दिलचस्प बात यह है कि यह तल्ख बयानबाजी ऐसे समय चल रही है जब Iran और अमेरिका के बीच स्विट्जरलैंड के Geneva में परमाणु कार्यक्रम को लेकर दूसरे दौर की बातचीत हुई है। ईरान ने वार्ता को सकारात्मक बताया है, जबकि अमेरिकी नेतृत्व का कहना है कि कई अहम मुद्दों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, दोनों देश एक साथ बातचीत और सैन्य दबाव की रणनीति अपना रहे हैं। यही वजह है कि मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े टकराव की आशंका के साये में आ गया है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!