अरब सागर में बढ़ा तनाव... अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के पास आक्रामक तरीके से आया ईरानी ड्रोन, US नेवी ने मार गिराया

Edited By Updated: 03 Feb, 2026 11:57 PM

the us navy shot down an iranian drone

अमेरिकी सेना ने मंगलवार को अरब सागर में अपने युद्धपोत के पास तेजी से बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रोन “आक्रामक तरीके से” अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की ओर बढ़ रहा था।

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी सेना ने मंगलवार को अरब सागर में अपने युद्धपोत के पास तेजी से बढ़ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रोन “आक्रामक तरीके से” अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की ओर बढ़ रहा था। इसी के कुछ घंटे बाद ईरान के दो गनबोट्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अमेरिकी-ध्वज वाले तेल टैंकर को घेर लिया और उसे जब्त करने की धमकी दी। ये घटनाएं ऐसे समय हुई हैं जब अमेरिका और ईरान के अधिकारी शुक्रवार को संभावित सैन्य टकराव को टालने के लिए राजनयिक वार्ता करने वाले हैं।

कैसे गिराया गया ड्रोन?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि ईरानी ड्रोन USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर की ओर तेजी से बढ़ रहा था, जो ईरान के दक्षिणी तट से लगभग 500 मील दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गश्त कर रहा था। अमेरिका ने पहले चेतावनी देने और तनाव कम करने की कोशिश की, लेकिन ड्रोन लगातार आगे बढ़ता रहा। इसके बाद लिंकन से उड़ान भरने वाले F-35C लड़ाकू विमान ने ड्रोन को मार गिराया. इस घटना में न तो कोई अमेरिकी सैनिक घायल हुआ और न ही अमेरिकी सैन्य उपकरण को नुकसान पहुंचा।

अमेरिकी टैंकर को घेरने की कोशिश

इसके कुछ घंटे बाद, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दो गनबोट्स ने M/V Stena Imperative नामक अमेरिकी संचालित केमिकल टैंकर को होर्मुज जलडमरूमध्य में घेर लिया। ईरानी नावें बहुत तेज गति से टैंकर के चारों ओर तीन चक्कर लगाईं, जबकि एक मोहाजेर ड्रोन ऊपर उड़ता रहा. इस दौरान ईरानियों ने रेडियो पर धमकी दी कि वे जहाज पर कब्जा कर लेंगे। अमेरिकी नौसेना को इसकी जानकारी मिलते ही USS McFaul विध्वंसक युद्धपोत को तुरंत वहां भेजा गया। साथ ही अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने हवा से सुरक्षा प्रदान की। इसके बाद ईरानी नावें पीछे हट गईं और स्थिति शांत हुई।

अमेरिका की कड़ी चेतावनी

कैप्टन हॉकिन्स ने कहा कि ईरान का यह व्यवहार “गैर-पेशेवर और आक्रामक” है, जिससे गलती से बड़ा सैन्य टकराव हो सकता है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ऐसी “उत्पीड़न की कार्रवाई” बर्दाश्त नहीं करेगा।

बढ़ता तनाव और अमेरिकी सैन्य तैनाती

ये घटनाएं तब हुई हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर बड़े सैन्य हमले के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम पर बातचीत ठप पड़ी हुई है।

पिछले एक हफ्ते में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत कर दी है:

  • USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किया गया

  • तीन गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स भेजे गए

  • एयर विंग में F/A-18 सुपर हॉर्नेट, F-35C और EA-18G इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विमान शामिल

  • अलग से तीन और विध्वंसक युद्धपोत — USS McFaul, USS Delbert D. Black और USS Mitscher — क्षेत्र में मौजूद

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!