US बना रहा नए डिटेंशन सेंटर, बिना पेपर अमेरिका पहुंचे लोगों की और बढ़ेगी टेंशन

Edited By Updated: 15 Feb, 2026 01:15 AM

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अमेरिका अब बड़ी संख्या में नए डिटेंशन सेंटर (हिरासत केंद्र) बनाने की तैयारी कर रहा है। इसका मकसद उन लोगों को पकड़कर रखना है, जो बिना सही दस्तावेज (पेपर) के अमेरिका में रह रहे हैं। ऐसे लोगों को पहले हिरासत में रखा जाएगा, फिर उनकी कानूनी प्रक्रिया...

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका अब बड़ी संख्या में नए डिटेंशन सेंटर (हिरासत केंद्र) बनाने की तैयारी कर रहा है। इसका मकसद उन लोगों को पकड़कर रखना है, जो बिना सही दस्तावेज (पेपर) के अमेरिका में रह रहे हैं। ऐसे लोगों को पहले हिरासत में रखा जाएगा, फिर उनकी कानूनी प्रक्रिया पूरी करके उन्हें उनके देश वापस भेज दिया जाएगा।

न्यू हैम्पशायर की गवर्नर Kelly Ayotte के कार्यालय की योजना के मुताबिक, U.S. Immigration and Customs Enforcement (ICE) इस साल के अंत तक हजारों अप्रवासियों को हिरासत में रखने और उनकी प्रक्रिया पूरी करने के लिए 38.3 अरब डॉलर खर्च करने की तैयारी में है। बाद में इन लोगों को निर्वासित (डिपोर्ट) कर दिया जाएगा।

क्या है ICE का पूरा प्लान?

योजना के अनुसार ICE 16 इमारतों को खरीदेगा और उनका नवीनीकरण (रिनोवेशन) करके उन्हें “रीजनल प्रोसेसिंग सेंटर” बनाएगा। इन केंद्रों में 1,000 से 1,500 लोगों को औसतन 3 से 7 दिनों तक रखा जा सकेगा। इसके अलावा 8 बड़े डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे, जहां 7,000 से 10,000 लोगों को करीब 60 दिनों तक रखा जा सकेगा। ये बड़े सेंटर उन अप्रवासियों के लिए मुख्य स्थान होंगे, जिन्हें देश से बाहर भेजा जाना है। ICE 10 और पहले से तैयार सुविधाओं को भी अपने कब्जे में लेगी, जहां एजेंसी पहले से काम कर रही है।

योजना में कहा गया है कि 2026 तक ICE 12,000 नए एजेंट भर्ती करेगी। इसके बाद गिरफ्तारियों में तेजी आने की उम्मीद है, इसलिए ज्यादा डिटेंशन सेंटर की जरूरत पड़ेगी। दस्तावेज के अनुसार, इस नए मॉडल से ICE को कॉन्ट्रैक्ट पर चल रहे सेंटरों की संख्या घटाने, कुल बिस्तर (कैपेसिटी) बढ़ाने, हिरासत प्रबंधन सुधारने और निर्वासन प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद मिलेगी।

सेंटरों में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?

ICE ठेकेदारों की मदद से इमारतों का नवीनीकरण कराएगी। इन सेंटरों में:

  • हिरासत कक्ष

  • मेडिकल और डेंटल सेवाएं

  • कैंटीन

  • लॉबी और मनोरंजन क्षेत्र

  • छात्रावास

  • अदालत कक्ष

जैसी सुविधाएं बनाई जाएंगी। दस्तावेज में दावा किया गया है कि ये केंद्र “सुरक्षित और मानवीय नागरिक हिरासत” सुनिश्चित करेंगे।

क्या फंड मिल चुका है?

इन डिटेंशन सेंटरों का खर्च रिपब्लिकन-नियंत्रित कांग्रेस द्वारा जुलाई 2025 में पास किए गए बड़े खर्च पैकेज से आएगा। “वन बिग ब्यूटीफुल बिल” नाम के इस पैकेज में आव्रजन प्रवर्तन के लिए 170 अरब डॉलर दिए गए हैं, जिसमें से 45 अरब डॉलर हिरासत व्यवस्था के लिए तय किए गए हैं। तुलना करें तो वित्तीय वर्ष 2024 के बजट में आव्रजन हिरासत के लिए 3.4 अरब डॉलर का प्रावधान था। यानी अब खर्च में काफी बढ़ोतरी की गई है।

क्यों पड़ी इन सेंटरों की जरूरत?

दस्तावेज के मुताबिक, नवंबर 2026 के अंत तक ये सभी सुविधाएं चालू हो जाएंगी। इससे ICE की कुल बिस्तर क्षमता बढ़कर 92,600 हो जाएगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 में Donald Trump के दोबारा सत्ता संभालने के बाद ICE की हिरासत में लोगों की संख्या लगभग 74% बढ़ चुकी है। इस समय यह संख्या 68,000 से ज्यादा बताई जा रही है।

आगे और सख्ती के संकेत

डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में लौटने के बाद से आव्रजन कानूनों को लेकर सख्ती बढ़ गई है। प्रशासन ने बड़े शहरों में आव्रजन एजेंटों की संख्या बढ़ाई है। अवैध रूप से रह रहे लोगों की गिरफ्तारी तेज की है। अवैध सीमा पार करने वालों पर कड़ा रुख अपनाया है और लाखों प्रवासियों की अस्थायी कानूनी स्थिति खत्म की है।

आने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले विरोध के संकेतों के बावजूद, ट्रंप प्रशासन इस साल आव्रजन कार्रवाई और तेज करने की तैयारी में है। कांग्रेस ने ICE को हजारों एजेंट भर्ती करने, किसी भी समय 100,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में रखने और संभावित आव्रजन अपराधियों की निगरानी बढ़ाने के लिए फंड दिया है।

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