Edited By Parveen Kumar,Updated: 14 Apr, 2026 07:01 PM

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिला में एक दर्दनाक हुआ है, जहां 9 मजूदरों की मौत हो गई। बता दें कि ये हादसा मंगलवार दोपहर 2 बजे हुआ, जब जिले के सिंघीतराई स्थित पावर प्लांट में बॉयरल फट गया। इस हादसे में 10 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 30 गंभीर घायल बताए जा रहे...
नेशनल डेस्क : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार को एक विद्युत संयंत्र के बॉयलर में हुए विस्फोट के कारण आग लगने से 13 श्रमिकों की मौत हो गई तथा 21 अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साय ने बिलासपुर संभाग के कमिश्नर को इस घटना की जांच करने का आदेश दिया है। वहीं जिला प्रशासन ने भी इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि यह धमाका अपराह्न करीब 2:30 बजे जिले के डभरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंघीतराई गांव में स्थित वेदांता लिमिटेड के विद्युत संयंत्र में बॉयलर से टरबाइन तक हाई-प्रेशर भाप पहुंचाने वाली एक ट्यूब में हुआ। पुलिस अधीक्षक ठाकुर ने बताया, ''इस घटना में चार श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य ने अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों को पड़ोसी रायगढ़ और बिलासपुर जिले के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।'' रायगढ़ में औद्योगिक सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "अस्पतालों में इलाज के दौरान नौ अन्य श्रमिकों की मृत्यु हुई है। वहीं 21 घायल श्रमिकों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।"
मुख्यमंत्री साय ने हादसे पर शोक जताया है तथा मामले की जांच के निर्देश दिए। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साय ने कहा है, ''सक्ती जिले के सिंघीतराई में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। इस हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। राज्य सरकार की ओर से मृतक श्रमिकों के परिजन को पांच लाख रुपये जबकि घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।" उन्होंने कहा, "सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मैं उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। बिलासपुर के आयुक्त को घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।" उन्होंने कहा, "दोषी लोगों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी रखे हुए है और प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता व प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।'' अधिकारियों ने बताया कि कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच करके जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। वहीं संयंत्र प्रबंधन ने एक बयान में कहा है, ''आज दोपहर हमारे सिंघीतराई संयंत्र की एक बॉयलर यूनिट में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हमारी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित सभी लोगों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सहायता और उपचार मिले।''
उन्होंने कहा, ''हम घायलों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और चिकित्सा टीम तथा स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हम घटना का पूरा विवरण जुटाने की प्रक्रिया में हैं, हमारे साझेदार तथा संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर एक विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। इस मुश्किल समय में, हमारी गहरी संवेदनाएं और सहानुभूति प्रभावित लोगों के परिवारों के साथ हैं।'' संयंत्र के अधिकारियों के अनुसार, यह विस्फोट बॉयलर यूनिट में उत्पन्न उच्च दबाव वाली भाप को टरबाइन तक ले जाने वाली एक ट्यूब में रिसाव के कारण हुआ।
टरबाइन ही घूमकर बिजली पैदा करता है। उन्होंने बताया कि घायलों में से कम से कम छह की हालत गंभीर बताई जा रही है, और कुछ घायलों को बेहतर इलाज के लिए हवाई मार्ग से रायपुर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि सिंघीतराई में 1,200 मेगावाट के कोयला-आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट (600 मेगावाट की दो यूनिट) का निर्माण 2009 में शुरू हुआ था, लेकिन 2016 से 2022 के बीच इसका काम रुका रहा। उन्होंने कहा कि इसका मूल स्वामित्व एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड के पास था और वेदांता लिमिटेड ने 2022 में इस प्लांट का अधिग्रहण कर लिया, जिसके बाद 600 मेगावाट की एक यूनिट का निर्माण पूरा हुआ और पिछले साल अगस्त में उसे चालू कर दिया गया, जबकि दूसरी यूनिट का निर्माण अभी भी जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों और संयंत्र में काम करने वाले श्रमिकों ने वहां हुई तबाही और दहशत का मंजर बयां किया।
पश्चिम बंगाल के निवासी और संयंत्र में एक महीने से अधिक समय से पेंटर के तौर पर काम कर रहे एक कर्मचारी अजित दास कर ने बताया कि विस्फोट की आवाज सुनकर ऐसा लगा, "जैसे कोई मिसाइल आकर गिरी हो।" कर ने बताया, ''हमने अपराह्न करीब 2:30 बजे भोजन खत्म किया ही था कि अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, ऐसा लगा जैसे कोई मिसाइल गिरी हो और चारों तरफ घना धुआं फैल गया।" उन्होंने कहा, "धमाका बॉयलर नंबर एक में हुआ, जहां हम काम कर रहे थे।
मैं एक अलमारी के अंदर छिपकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। जो मजदूर नीचे थे, वे बुरी तरह झुलस गए।'' उन्होंने बताया कि वहां मौजूद कई मजदूर पेंट का काम कर रहे थे। कई पीड़ितों के परिजन संयंत्र के बाहर बैठे नजर आए। वहां मौजूद चित्रसेन पटेल ने बताया कि प्लांट में काम करने वाले उनके पिता की इस घटना में मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।