कर्नाटक हादसे में अब तक 10 शव बरामद, सीप इकट्ठा करते समय नदी में डूबे थे 11 लोग

Edited By Updated: 25 May, 2026 01:08 PM

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उत्तर कन्नड़ जिले में थट्टे हक्कलू नदी में सीपियां इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे एक ही परिवार के 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें सात महिलाएं शामिल हैं। अब तक पुलिस ने 10 शव को बरामद कर लिया है, जबकि शेष लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन...

नेशनल डेस्क: उत्तर कन्नड़ जिले में थट्टे हक्कलू नदी में सीपियां इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे एक ही परिवार के 11 लोगों की डूबने से मौत हो गई, जिनमें सात महिलाएं शामिल हैं। अब तक पुलिस ने 10 शव को बरामद कर लिया है, जबकि शेष लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। पुलिस सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना ''बेहद दुखद'' है। उन्होंने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

 

पीएम मोदी ने घटना पर जताया दुख 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि कारवार जिले में हुई घटना के बारे में सुनकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति शोक जताया। मोदी ने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) की ओर से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। 

  सीएम ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद की घोषणा 
इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की मुआवजा राशि देने की घोषणा की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिराली गांव के लगभग 14 लोग नदी में सीपियां इकट्ठा करने के लिए उतरे थे। नदी तटों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय समुदायों की यह पारंपरिक गतिविधि है। उन्होंने कहा, ''इस दौरान वे पानी के स्तर का सही आकलन किए बिना नदी के गहरे हिस्से में चले गए। अचानक तेज धारा में फंसकर एक या दो लोग बह गए।

10 शव अब तक बरामद 
अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद पानी में फंसे लोगों को बचाने के प्रयास में कुछ व्यक्ति नदी में कूद गए। इस दौरान तेज धारा में और भी लोग फंस गए। पुलिस सूत्रों ने कहा कि अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों में आठ लोगों की पहचान उमेश मंजूनाथ नाइक (40), लक्ष्मी महादेव नाइक (42), लक्ष्मी जट्टप्पा नाइक (30), लक्ष्मी अपन्ना नाइक (60), लक्ष्मी शिवराम नाइक (49), ज्योति मस्तम्मा नाइक (34), मालती नाइक (38) और मस्तम्मा नाइक (60) के रूप में हुई है।

बारिश के कारण नदी की धारा तेजी से बढ़ी 
पुलिस के अनुसार, बचाए गए दो लोगों नागरत्ना और महादेवी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव कर्मी, पुलिस टीम और स्थानीय निवासी खोज अभियान जारी रखे हुए हैं। घटना में जान गंवाने वाले भटकल तालुक के शिराली के निवासी थे। सूत्रों ने बताया कि यह घटना क्षेत्र में बारिश के कारण नदी की धारा तेज होने की वजह से हुई। उन्होंने कहा कि नदी से सीपियां इकट्ठा करना कुछ समुदायों के लिए आजीविका से जुड़ी गतिविधि है, जो मछली पकड़ने जैसी ही है। 

उन्होंने कहा कि इसमें शामिल कई लोग इस काम में अनुभवी थे। सिद्धरमैया ने एक पोस्ट में मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए कहा कि घटना के बारे में जानकर उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, ''मानवीय आधार पर, राज्य सरकार इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करेगी।'' कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया। राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने भी मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। 

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