3 साल की बच्ची ने इंडियन एयरफोर्स की वर्दी पहन सुनाया 'शिव तांडव स्तोत्र', देखें वीडियो

Edited By Updated: 20 May, 2025 01:34 PM

3 year old girl recited  shiv tandav stotra  wearing indian air force uniform

राजस्थान के जोधपुर में निकली एक तिरंगा यात्रा उस वक्त एक आध्यात्मिक माहौल में बदल गई, जब मंच पर एक तीन साल की छोटी सी बच्ची ने 'शिव तांडव स्तोत्र' का तेजस्वी और ओजस्वी पाठ किया। बच्ची के स्वर और आत्मविश्वास ने ऐसा समां बांधा कि सुनने वाले भावविभोर...

नेशनल डेस्क : राजस्थान के जोधपुर में निकली एक तिरंगा यात्रा उस वक्त एक आध्यात्मिक माहौल में बदल गई, जब मंच पर एक तीन साल की छोटी सी बच्ची ने 'शिव तांडव स्तोत्र' का तेजस्वी और ओजस्वी पाठ किया। बच्ची के स्वर और आत्मविश्वास ने ऐसा समां बांधा कि सुनने वाले भावविभोर हो गए। इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

तिरंगा यात्रा आमतौर पर देशभक्ति गीतों, नारों और बैंड-बाजों से गूंजती है, लेकिन इस बार मंच पर शिव का गुणगान होते ही पूरा माहौल शिवमय हो गया। तीन साल की मासूम बच्ची, जो अपने पिता की गोद में थी, उसने जैसे ही माइक संभाला और ''जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले...'' का उच्चारण किया, तो हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया।

बच्ची की आवाज में ओज, मंच पर छाया सन्नाटा

इस बच्ची की उम्र भले ही सिर्फ तीन साल हो, लेकिन उसके चेहरे का भाव, उच्चारण की शुद्धता और आवाज का आत्मविश्वास इतना प्रभावशाली था कि मंच पर बैठे गणमान्य लोग भी स्तब्ध रह गए। ऐसा लग रहा था जैसे किसी तपस्वी की वाणी मंच पर गूंज रही हो। बच्ची के पिता ने उसे पूरे समय गोद में थामे रखा, और ये दृश्य भी लोगों के दिल को छू गया।

सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लाखों लोग इसे देख चुके हैं और हजारों ने इसे लाइक और शेयर किया है। कई यूजर्स ने इस पर कमेंट करते हुए लिखा कि 'आज के बच्चों में अगर ऐसे संस्कार हों, तो भविष्य उज्जवल है।' एक यूजर ने लिखा, 'आज की पीढ़ी जहां रील्स में मस्त है, वहीं इस बच्ची ने आध्यात्मिकता का उदाहरण पेश किया।' वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, 'ये बच्ची नहीं, साक्षात देवी है, और धन्य हैं वो माता-पिता जिन्होंने इसे ऐसे संस्कार दिए।'

तिरंगा यात्रा में भक्ति का संगम

तिरंगा यात्रा का यह पल ऐसा था, जिसे जो भी वहां मौजूद था, वह शायद कभी नहीं भूलेगा। राष्ट्रभक्ति और भक्ति का ऐसा संगम विरले ही देखने को मिलता है। इस छोटी बच्ची की आवाज और उसकी प्रस्तुति ने यह साबित कर दिया कि भक्ति के लिए न उम्र मायने रखती है, न मंच- सिर्फ भावना और श्रद्धा की ज़रूरत होती है।



 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!