ईरान ने फोड़ी अमेरिका की ‘आसमानी आंख’! कतर का अरबों डॉलर का रडार तबाह

Edited By Updated: 04 Mar, 2026 12:26 PM

iran claims largest us radar in gulf destroyed

कतर स्थित अमेरिकी AN/FPS-132 मिसाइल अर्ली वार्निंग रडार पर ईरान समर्थित हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। सैटेलाइट तस्वीरों में ढांचे को नुकसान दिख रहा है, हालांकि पूर्ण विनाश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। यह घटना अमेरिका की मिसाइल...

International Desk: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कतर से एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका की मिसाइल चेतावनी प्रणाली का अहम हिस्सा माने जाने वाले AN/FPS-132 रडार सिस्टम को हमले में नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट है। यह रडार खाड़ी क्षेत्र में बैलिस्टिक मिसाइल खतरों की शुरुआती पहचान के लिए लगाया गया था। सैटेलाइट तस्वीरों में ढांचे को क्षति के संकेत दिख रहे हैं, हालांकि अमेरिका और कतर ने अब तक पूर्ण तबाही की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।अमेरिका का AN/FPS-132 अपग्रेडेड अर्ली वार्निंग रडार (UEWR) सिस्टम उसकी ग्लोबल मिसाइल चेतावनी व्यवस्था का अहम हिस्सा है। इसे 2013 में कतर में लगाया गया था। 

  • डिटेक्शन रेंज: लगभग 5000 किमी
  • काम: बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च होते ही उसकी दिशा, गति और लक्ष्य की जानकारी देना
  • लागत: करीब 1.1 बिलियन डॉलर (लगभग 9000 करोड़ रुपये)

यह रडार United States Space Force के नेटवर्क से जुड़ा है और Al Udeid Air Base के पास स्थित है, जो मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। इसी चेतावनी के आधार पर Patriot missile system और THAAD जैसे डिफेंस सिस्टम सक्रिय होते हैं।

 

कैसे हुआ हमला?

  • ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इसे ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ ऑपरेशन का हिस्सा बताया।
  • हमला बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से किया गया
  • कतर ने दावा किया कि ज्यादातर हमले नाकाम किए गए
  • लेकिन कुछ ड्रोन अल उदैद बेस के पास गिरे
  • एक UAV ने रडार साइट को टारगेट किया
  • रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्तेमाल किया गया ड्रोन Shahed drone था, जो बेहद सस्ता लेकिन घातक माना जाता है।
  • सैटेलाइट तस्वीरों में रडार के ढांचे को गंभीर नुकसान दिख रहा है।
  • हालांकि अमेरिका और कतर ने आधिकारिक तौर पर पूर्ण विनाश की पुष्टि नहीं की है।

 

क्षेत्रीय असर क्या होंगे?

  • चेतावनी समय घट सकता है – मिसाइल लॉन्च की शुरुआती जानकारी में देरी हो सकती है।
  • खाड़ी देशों की सुरक्षा खतरे में – सऊदी अरब, यूएई और इजरायल पर असर पड़ सकता है।
  • ड्रोन युद्ध की नई रणनीति – सस्ते हथियार बनाम महंगे डिफेंस सिस्टम की बहस तेज।
  • अमेरिका पर दबाव – अब वैकल्पिक रडार और स्पेस-आधारित सेंसर सिस्टम को तेजी से तैनात करना होगा।

 

यह पहली बार है जब इतने महंगे और रणनीतिक अमेरिकी रडार सिस्टम को सीधे दुश्मन के हमले में इतना नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। यह घटना दिखाती है कि आधुनिक युद्ध में अब केवल महंगे सिस्टम ही ताकत नहीं हैं। कम लागत वाले ड्रोन भी अरबों डॉलर की सुरक्षा ढाल को चुनौती दे सकते हैं।ईरान का यह कदम संकेत देता है कि वह अब सीधे अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हट रहा। इससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है और भविष्य में और बड़े हमलों की आशंका भी जताई जा रही है।
 

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