Edited By Anu Malhotra,Updated: 11 Aug, 2026 02:29 PM

केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अभी तक अपनी सिफारिशें सरकार को नहीं सौंपी हैं। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग को अपनी...
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने अभी तक अपनी सिफारिशें सरकार को नहीं सौंपी हैं। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले इस आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है। यदि किसी विषय पर सिफारिशें पहले तैयार हो जाती हैं, तो आयोग उस पर अंतरिम रिपोर्ट भी सौंप सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की तारीख की घोषणा नहीं की है।
सरकार के अनुसार, 1 मार्च 2026 तक केंद्र सरकार में करीब 35.77 लाख असैन्य कर्मचारी कार्यरत थे। वहीं, 31 दिसंबर 2025 तक करीब 33.76 लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी थे। इस आंकड़े में रक्षा पेंशनभोगी शामिल नहीं हैं।
वेतन, भत्ते और पेंशन पर विचार
8वें वेतन आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा करनी है। इनमें वेतन संशोधन, भत्ते, पेंशन, पारिवारिक पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े मामले शामिल हैं। आयोग फिलहाल कर्मचारी यूनियनों, सेवा संघों और पेंशनभोगी संगठनों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों में बैठकें कर उनकी मांगों और सुझावों पर विचार कर रहा है।
दिल्ली में आयोग की क्षेत्रीय बैठकों का दौर सोमवार को पूरा हुआ। इन बैठकों में राजधानी में पंजीकृत केंद्र सरकार के कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने हिस्सा लिया। नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स (FNPO) समेत कई संगठनों ने पिछले कुछ महीनों में वेतन संशोधन, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों से संबंधित अपनी मांगें आयोग के सामने रखी हैं। आयोग इन संगठनों की मांगों, सुझावों और शिकायतों पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देगा। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार, आयोग मई-जून 2027 तक अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप सकता है।
52,600 रुपये न्यूनतम वेतन और 2.92 फिटमेंट फैक्टर की मांग
इसी क्रम में इंडियन रेलवेज टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने भी वेतन संशोधन को लेकर कई बड़ी मांगें रखी हैं। एसोसिएशन ने इससे पहले हैदराबाद में आयोग के समक्ष विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया था। IRTSA की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 52,600 रुपये प्रति माह करना और अलग-अलग वेतन स्तरों के लिए अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर निर्धारित करना शामिल है।
एसोसिएशन ने 2.92 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर 52,600 रुपये के न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव दिया है। उसका तर्क है कि वेतन निर्धारण में मौजूदा समय के घरेलू खर्चों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। इनमें इंटरनेट, पीने का बोतलबंद पानी और मेडिकल इंश्योरेंस जैसे खर्च शामिल हैं। IRTSA ने कर्मचारियों के वेतन में हर साल 5 प्रतिशत की वृद्धि और टेक्निकल सुपरवाइजर के करियर स्ट्रक्चर में बदलाव की भी मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार करना है।
कई राज्यों का दौरा करेगा आयोग
8वें वेतन आयोग की परामर्श प्रक्रिया अभी जारी है। आयोग 31 अगस्त और 1 सितंबर को जयपुर, 7-8 सितंबर को चेन्नई, 9 सितंबर को पुडुचेरी और 16-18 सितंबर को चंडीगढ़ का दौरा करेगा। चूंकि आयोग को अभी कई दौर की बातचीत और परामर्श पूरा करना बाकी है, इसलिए फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन या वेतन से जुड़ी अन्य मांगों पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अंतिम सिफारिशें व्यापक विचार-विमर्श पूरा होने और सरकार को आयोग की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही सामने आएंगी।