Edited By Ramkesh,Updated: 06 Apr, 2026 07:41 PM

तमिलनाडु के मदुरै की एक अदालत ने बहुचर्चित साथनकुलम कस्टोडियल डेथ मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए नौ पुलिसकर्मियों को मौत की सजा दी है। यह मामला वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान हुई बाप-बेटे की हिरासत में मौत से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया...
नेशनल डेस्क: तमिलनाडु के मदुरै की एक अदालत ने बहुचर्चित साथनकुलम कस्टोडियल डेथ मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए नौ पुलिसकर्मियों को मौत की सजा दी है। यह मामला वर्ष 2020 में लॉकडाउन के दौरान हुई बाप-बेटे की हिरासत में मौत से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
जानिए पूरा मामला
आप को बता दें कि यह घटना थूथुकुडी जिले के साथनकुलम क्षेत्र की है, जहां मोबाइल दुकान चलाने वाले पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स को लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप था कि उन्होंने दुकान निर्धारित समय से अधिक देर तक खोली थी।
पुलिस कार्रवाई पर उठे थे सवाल
गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद 22 जून को बेनिक्स और 23 जून को जयराज की मौत हो गई। इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे।
मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच एजेंसी ने कई पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर आरोप पत्र दाखिल किया।
अमानवीय यातनाएं देने का कोर्ट ने पुलिस को पाया दोषी
सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी के दौरान कानून का उल्लंघन किया गया और हिरासत में दोनों को अमानवीय यातनाएं दी गईं, जिसके चलते उनकी मौत हुई। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सभी दोषियों को कड़ी सजा सुनाई। इस फैसले को कस्टोडियल हिंसा के मामलों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो कानून व्यवस्था में जवाबदेही और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सख्त संदेश देता है।