Edited By Tanuja,Updated: 06 Apr, 2026 05:52 PM

ईरान के South Pars Gas Field पर हमलों की खबर है, जिसका आरोप अमेरिका-इज़राइल पर लगाया गया। Donald Trump ने पहले चेतावनी दी थी। ईरान ने जवाब में जहाज पर मिसाइल हमला करने का दावा किया। यूरोपीय नेताओं ने नागरिक ढांचे पर हमलों को अवैध बताया।
International Desk: ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस प्रोजेक्ट्स में से एक South Pars Gas Field पर सोमवार को हमले की खबर सामने आई है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में गैस और पेट्रोकेमिकल सुविधाओं को निशाना बनाया गया। ईरान की सरकारी और अर्ध-सरकारी एजेंसियों ने इस हमले के लिए अमेरिका और इज़राइल को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से इस हमले को लेकर तुरंत कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पहले भी इसी गैस फील्ड को निशाना बनाया जा चुका है। इसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों को टारगेट करना शुरू कर दिया था, जिससे पूरे क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच, Donald Trump ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर Strait of Hormuz को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों पर हमला कर सकता है।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में एक इज़राइल से जुड़े कार्गो जहाज पर मिसाइल हमला करने का दावा भी किया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है। वहीं, यूरोपीय संघ के प्रमुख Antonio Costa ने सोशल मीडिया पर कहा कि युद्ध के दौरान नागरिक ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम से मिडिल ईस्ट में हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं। खासकर ऊर्जा ठिकानों पर हमलों से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।