Edited By Parveen Kumar,Updated: 15 Sep, 2026 09:21 PM

सरकार ने मंगलवार को बड़े डिजिटल भुगतान के लिए जारी नई व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पाने पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत का एमडीआर शुल्क लेना तय किया। इसमें 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम शुल्क 300 रुपये होगा।...
नेशनल डेस्क : सरकार ने मंगलवार को बड़े डिजिटल भुगतान के लिए जारी नई व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पाने पर व्यापारियों से 0.4 प्रतिशत का एमडीआर शुल्क लेना तय किया। इसमें 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर अधिकतम शुल्क 300 रुपये होगा। इसके साथ जनवरी, 2020 से लागू शून्य-एमडीआर व्यवस्था समाप्त हो गई है। इस व्यवस्था को डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया था, लेकिन बैंक और वित्तीय-प्रौद्योगिकी (फिनटेक) कंपनियां लंबे समय से इस पर सवाल उठा रही थीं।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, नए बदलाव 15 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी हो जाएंगे। 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (एमडीआर) वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी से लिया जाता है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने कहा कि रेलवे, दूरसंचार और ईंधन जैसे आवश्यक क्षेत्रों में प्रति लेनदेन पांच रुपये का एकसमान शुल्क लगेगा, जबकि पूंजी बाजार में भुगतान के लिए एमडीआर की दर 0.02 प्रतिशत होगी। यूपीआई क्यूआर कोड के जरिये हर महीने एक लाख रुपये तक की आय वाले छोटे व्यापारी नई व्यवस्था के तहत पूरी तरह शुल्क मुक्त रहेंगे।
सरकार का कहना है कि इस प्रावधान से व्यापारी लेनदेन के 96 प्रतिशत हिस्से पर नए शुल्क का कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, व्यक्ति से किसी व्यापारी को किए जाने वाले 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर एमडीआर लगाया जाएगा और 75,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर इस शुल्क की अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।
वहीं, दो व्यक्तियों के बीच होने वाले पी2पी यूपीआई लेनदेन पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा। ऐसे हस्तांतरण यूपीआई लेनदेन की कुल मात्रा का 37 प्रतिशत और मूल्य का 70 प्रतिशत हैं। नई व्यवस्था के तहत भुगतान ऐप प्रदाताओं को अलग से डिजिटल मंच शुल्क लगाने से रोक दिया गया है। बैंकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि व्यापारी एमडीआर की लागत ग्राहकों से न वसूलें। नए शुल्क से मिलने वाली राशि का पांचवां हिस्सा छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई के विस्तार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।