Edited By Rohini Oberoi,Updated: 20 Jul, 2026 03:03 PM

'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर और प्रेसिडेंट अभिजीत डिपके ने सोमवार को जंतर-मंतर पर अपना अनशन खत्म कर दिया। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने उनसे अपनी ताकत बचाने और चल रहे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते रहने की अपील की थी। शनिवार से अनशन कर रहे...
Abhijeet Dipke Update : 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के फाउंडर और प्रेसिडेंट अभिजीत डिपके ने सोमवार को जंतर-मंतर पर अपना अनशन खत्म कर दिया। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने उनसे अपनी ताकत बचाने और चल रहे विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते रहने की अपील की थी। शनिवार से अनशन कर रहे डिपके ने जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा और फिर CJP के नेतृत्व में संसद की ओर निकाले जा रहे मार्च में शामिल हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने बताया कि खुद 20 दिनों से ज़्यादा समय से अनशन कर रहे वांगचुक ने डिपके से अनशन खत्म करने को कहा ताकि उनमें आंदोलन को जारी रखने की ऊर्जा बनी रहे।
डिपके ने तब अनशन शुरू किया था जब दिल्ली पुलिस ने शनिवार को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल पहुंचा दिया था। वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। वे कथित NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की मांग कर रहे हैं।
इस बीच CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने बातचीत के लिए पार्टी से संपर्क किया है। दास ने X पर एक पोस्ट में कहा कि वह और पार्टी नेता आशुतोष रंका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं।दास ने लिखा, सरकार ने आज सुबह बातचीत के लिए हमसे संपर्क किया। आशुतोष रंका और मैं जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। हमारी मांगें वही हैं और बड़ी संख्या में युवा इसमें शामिल हुए हैं। हालांकि, प्रस्तावित बैठक के बारे में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
बता दें कि ये घटनाक्रम मध्य दिल्ली में कड़ी सुरक्षा के बीच हुए जहां हजारों प्रदर्शनकारी संसद स्ट्रीट के पास जमा हुए और संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। वे कथित परीक्षा अनियमितताओं के लिए जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। जब प्रदर्शनकारियों के समूहों ने बैरिकेड्स तोड़ने और CJP के संसद मार्च में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की तो सुरक्षाकर्मियों ने शास्त्री भवन के पास आंसू गैस के गोले छोड़े।
इस स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने पूरी नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए आस-पास के ज़िलों से अतिरिक्त पुलिस बल और रिज़र्व में रखी गई पैरामिलिट्री फोर्स की कई कंपनियों को अहम चौराहों, संवेदनशील जगहों और सरकारी इमारतों के आस-पास तैनात किया गया।