'BJP vs CJP' : अखिलेश यादव का नया दांव! UP चुनाव से पहले 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने बढ़ाई सियासी तपिश

Edited By Updated: 20 May, 2026 10:52 PM

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के करीब आते ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक नया राजनीतिक दांव खेलकर हलचल मचा दी है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के ट्रेंड का समर्थन किया है, जिससे सत्ताधारी भाजपा और...

लखनऊ/नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के करीब आते ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक नया राजनीतिक दांव खेलकर हलचल मचा दी है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के ट्रेंड का समर्थन किया है, जिससे सत्ताधारी भाजपा और इस नए डिजिटल आंदोलन के बीच सीधे मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं।

3 शब्दों का ट्वीट और 'सियासी संदेश'
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर महज तीन शब्दों का एक संक्षिप्त पोस्ट साझा किया: "BJP बनाम CJP" (यानी भाजपा बनाम सीजेपी)। हालांकि इस पोस्ट में कोई विस्तृत संदर्भ नहीं दिया गया, लेकिन जानकारों का मानना है कि यूपी चुनावों के मद्देनजर इसके गहरे राजनीतिक मायने हैं। विपक्ष, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, नौकरियों की कमी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर युवाओं की नाराजगी को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।

कैसे हुआ 'CJP' का जन्म?
'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक व्यंग्यात्मक (Satirical) समूह है। इसकी शुरुआत मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की उस विवादित टिप्पणी के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' और 'परजीवी' से की थी। इस टिप्पणी से भड़के इंटरनेट यूजर्स ने तंज कसते हुए 'सीजेपी' नाम का पेज बनाया, जो खुद को "आलसियों और बेरोजगारों की आवाज" बताता है। इस डिजिटल पार्टी का मुख्यालय वहां है, "जहां भी वाई-फाई काम करता है"।

लाखों फॉलोअर्स और दिग्गजों का साथ
महज कुछ ही दिनों में इस पैरोडी पेज ने सोशल मीडिया पर 60 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुटा लिए हैं। अखिलेश यादव के अलावा, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद भी इस ट्रेंड में शामिल हो चुके हैं। न केवल राजनेता, बल्कि बॉलीवुड हस्तियां जैसे फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप, अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा और ईशा गुप्ता ने भी इस 'पार्टी' के डिजिटल हैंडल को फॉलो करना शुरू कर दिया है।

युवाओं के गुस्से को हवा देने की तैयारी
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अखिलेश यादव का 'सीजेपी' को समर्थन देना असल में उन युवाओं के साथ खड़े होने का तरीका है, जो सरकार की रोजगार नीतियों से असंतुष्ट हैं। चुनाव के इस माहौल में, एक इंटरनेट जोक का एक वायरल राजनीतिक आंदोलन में तब्दील होना भाजपा के लिए एक नई चुनौती पेश कर सकता है।

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