Edited By Parveen Kumar,Updated: 12 Sep, 2026 09:49 PM

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा पवित्र खंडा साहिब के कथित राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि धार्मिक प्रतीक का राजनीतिक उद्देश्यों या उपहास के लिए इस्तेमाल करना सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस...
नेशनल डेस्क : समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा पवित्र खंडा साहिब के कथित राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि धार्मिक प्रतीक का राजनीतिक उद्देश्यों या उपहास के लिए इस्तेमाल करना सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
आरोप लगाने वालों का कहना है कि खंडा साहिब सिख धर्म, सिख पहचान और गौरवशाली विरासत का पवित्र प्रतीक है। ऐसे में इसके किसी भी कथित अपमानजनक या विकृत रूप को महज राजनीतिक अभिव्यक्ति बताकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मामले को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) से भी अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की गई है। बयान में कहा गया कि अखिलेश यादव ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान AAP का खुलकर समर्थन किया था, जबकि उत्तर प्रदेश में सपा कांग्रेस की सहयोगी है। ऐसे में दोनों दलों को बताना चाहिए कि वे इस मुद्दे पर क्या रुख रखते हैं।
आरोप लगाने वालों ने सवाल किया कि क्या राजनीतिक गठबंधन के कारण धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामले पर चुप्पी साधी जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म और उसके पवित्र प्रतीकों के सम्मान के लिए दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए।
बयान में कांग्रेस और AAP से इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग करते हुए कहा गया कि खंडा साहिब सिख धर्म का पवित्र प्रतीक है और इसे राजनीतिक प्रचार का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए।