Edited By Anu Malhotra,Updated: 25 Aug, 2026 09:22 AM

महाराष्ट्र के अमरावती के ज़िला महिला अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में लगी आग में मारे गए तीन नवजातों में से एक के पिता ने न्याय और इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की है।
अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती के ज़िला महिला अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में लगी आग में मारे गए तीन नवजातों में से एक के पिता ने न्याय और इस घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की है।
स्वप्निल बोर्गे ने बताया कि उनके बच्चे का जन्म सोमवार सुबह करीब 10 बजे हुआ था और अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद उसे अस्पताल की ऊपरी मंज़िल पर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि नवजात को NICU में रखा गया था, जहां बच्चों को कांच के घेरों में रखा जाता है।
बोर्गे ने बताया कि उनकी पत्नी को दूसरी मंज़िल पर भर्ती कराया गया था, जबकि नवजात NICU में था। उन्होंने याद करते हुए बताया कि बाद में परिवार को अस्पताल परिसर से बाहर जाने और बाहर सोने के लिए कहा गया।
बस दोषियों को सज़ा मिले
बोर्गे के अनुसार, "यह घटना सुबह करीब 3:00 बजे हुई; उस जगह पर धमाका हुआ जहां बच्चों को रखा गया था।" उन्होंने कहा कि परिवार सिर्फ़ इतना चाहता है कि घटना के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए। बोर्गे ने कहा, "हम बस न्याय चाहते हैं। बस इतना कि दोषियों को सज़ा मिले, बस यही।"
सोमवार तड़के अमरावती के ज़िला महिला अस्पताल के NICU में आग लगने से तीन नवजातों की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 3:30 बजे अस्पताल की तीसरी मंज़िल पर लगी। बताया जा रहा है कि नियोनेटल यूनिट के अंदर एक वेंटिलेटर में धमाके के बाद आग लगी। डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों ने तुरंत लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया और प्रभावित वार्ड से कई नवजातों को बचाया।