फिर हारा NEET का और छात्र, परीक्षा में उम्मीद से कम नंबर आने पर की आत्महत्या

Edited By Updated: 27 Jul, 2026 10:06 AM

another neet student from maharashtra has passed away due to low score in exams

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कर्जत तालुका के जलालपुर गांव से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां NEET परीक्षा में उम्मीद से कम नंबर आने के बाद एक छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्रा की पहचान अंकिता सांगले के रूप में हुई है। परिवार...

नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कर्जत तालुका के जलालपुर गांव से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां NEET परीक्षा में उम्मीद से कम नंबर आने के बाद एक छात्रा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्रा की पहचान अंकिता सांगले के रूप में हुई है। परिवार वालों के मुताबिक, अंकिता ने NEET परीक्षा में 166 नंबर हासिल किए थे। हालांकि, वह तनाव में थी क्योंकि उसे इससे बेहतर नंबर की उम्मीद थी। यह घटना शनिवार शाम करीब 4:30 बजे उसके घर पर हुई। परिवार वालों ने बताया कि सांगले को पढ़ाई के लिए एक अलग कमरा दिया गया था, जहां वह नियमित रूप से परीक्षा की तैयारी करती थी।

जब काफी देर तक कमरे से कोई हलचल या प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो परिवार वालों ने दरवाजा खोला और उसे बेसुध पाया। उन्होंने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी। परिवार के एक सदस्य से मिली जानकारी के बाद, पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी। इस घटना ने बहुत ज़्यादा कॉम्पिटिशन वाली परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच पढ़ाई के दबाव को लेकर बढ़ती चिंताओं को उजागर किया है। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने बार-बार छात्रों और परिवारों से तनाव के समय मदद लेने और परीक्षा के नतीजों को अपनी सेहत पर असर न डालने देने का आग्रह किया है। पुलिस फिलहाल घटना से जुड़े हालात की जांच कर रही है।

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मीडिया की जांच में NEET से जुड़े छात्रों की आत्महत्याओं में चिंताजनक बढ़ोतरी सामने आई है, और खबरों के अनुसार 2025 में ये मामले रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। विशेषज्ञों ने इस संकट के कई कारणों की ओर इशारा किया है, जिनमें कड़ी प्रतिस्पर्धा, पढ़ाई का दबाव, माता-पिता की उम्मीदें और अहम प्रवेश परीक्षाओं से जुड़ा मानसिक स्वास्थ्य का बढ़ता बोझ शामिल है।

इसके अलावा, पेपर लीक के आरोपों के बाद NEET-UG को रद्द करने और उसके बाद दोबारा परीक्षा की प्रक्रिया ने उम्मीदवारों के बीच चिंता और अनिश्चितता को काफी बढ़ा दिया। परीक्षा के शेड्यूल में बदलाव और मेडिकल में एडमिशन पाने के दबाव ने कई छात्रों के मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया। रिपोर्टों से पता चला है कि दोबारा परीक्षा की अवधि के आसपास एक दर्जन से अधिक उम्मीदवारों की आत्महत्या के मामले दर्ज किए गए।

 

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