BJP सांसद की बेटी के पोस्ट ने सोशल मीडिया पर बढ़ाई राजनीतिक हलचल, बोलीं- मैं इसे डिलीट नहीं करूंगी

Edited By Updated: 27 Jul, 2026 09:10 AM

bjp mp s daughter sparks row over dharmendra pradhan s resignation post

ओडिशा की राजनीति में NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भुवनेश्वर से BJP सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी, अर्चिता सचिन राहर के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के...

नेशनल डेस्क: ओडिशा की राजनीति में NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भुवनेश्वर से BJP सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी, अर्चिता सचिन राहर के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने पार्टी के अंदरूनी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। अर्चिता ने अपने  इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र प्रधान की फोटो और राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि NEET विवाद के विरोध में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। पोस्ट शेयर करते हुए अर्चिता ने लिखा- "धर्मेंद्र प्रधान के PA, जो मेरी मां को मैसेज करके स्टोरी डिलीट करने के लिए कह रहे हैं—तकलीफ न उठाएं, मैं इसे डिलीट नहीं करूंगी। जय जगन्नाथ! जय हिंद!"

BJP सांसद ने दिया ये बयान

 इस बढ़ते हुए राजनीतिक विवाद को देखते हुए BJP सांसद अपराजिता सारंगी ने इस स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए लिखा कि इस नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कदम उठाना एक साहसी निर्णय है और वह इस मुश्किल के समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। हालांकि, मां के समर्थन और बेटी के विरोध वाले बिल्कुल अलग-अलग रुख ने पार्टी के भीतर चर्चा को और बढ़ा दिया है।

बीजेपी नेताओं ने दी प्रतिक्रियाएं-

BJP नेता जगन्नाथ प्रधान ने इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का राज्य और देश के लिए बहुत बड़ा योगदान है। सांसद को अपने परिवार द्वारा की गई इस तरह की बयानबाजी के लिए ओडिशा की जनता से माफी मांगनी चाहिए। पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता का मानना है कि बीजेपी एक अनुशासित संगठन और परिवार की तरह है। संकट के समय अपने ही नेता के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां करना पार्टी के अनुशासन के खिलाफ है।

बचाव में आया सांसद कार्यालय

सांसद कार्यालय के प्रतिनिधि (धनेश्वर बारिक) ने इस मामले पर अर्चिता का बचाव किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) को अपने स्वतंत्र विचार रखने और बोलने का पूरा अधिकार है। जब उनसे पूछा गया कि क्या इससे सांसद के राजनीतिक करियर पर असर पड़ेगा, तो उन्होंने कहा कि यह तो आने वाला समय ही बताएगा।

 

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