Edited By Vatika,Updated: 14 Feb, 2026 09:50 AM

गुरु साहिबान पर आतिशी के कथित विवादित वीडियो को लेकर दर्ज एफआईआर के मामले में
जालंधर: गुरु साहिबान पर आतिशी के कथित विवादित वीडियो को लेकर दर्ज एफआईआर के मामले में राज्य सरकार निर्धारित समयसीमा के भीतर दिल्ली विधानसभा सचिवालय को स्पष्टीकरण नहीं दे पाई है। 12 फरवरी तक जवाब देने की अंतिम तारीख तय की गई थी, लेकिन तय समय पर औपचारिक स्पष्टीकरण नहीं भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार, यह मामला उस वीडियो के प्रसार से जुड़ा है जिसमें आप नेता और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी पर सिख गुरुओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है। इस मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सरकार से जवाब मांगा था और इसे सदन के विशेषाधिकार के उल्लंघन से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि आतिशी ने ये कथित टिप्पणियां जनवरी में सदन की कार्यवाही के दौरान की थीं। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। आम आदमी पार्टी का दावा है कि वीडियो फर्जी है और दुर्भावनापूर्ण इरादे से फैलाया गया। वहीं, इस क्लिप को प्रसारित करने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ जालंधर में मामला भी दर्ज किया गया है।
पंजाब के गृह विभाग की ओर से दिल्ली विधानसभा सचिवालय को भेजे पत्र में कहा गया है कि जवाब को अंतिम रूप देने से पहले उच्च अधिकारियों के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में सचिवालय की ओर से पहले कोई सीधा संपर्क नहीं किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) की ओर से तैयार औपचारिक जवाब सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद ही दिल्ली विधानसभा सचिवालय को भेजा जाएगा। साथ ही, पंजाब के डीजीपी, जालंधर पुलिस कमिश्नर और फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट सहित संबंधित अधिकारियों की तरफ से रिपोर्ट भी सचिवालय को भेजी जा चुकी हैं। गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा ने जालंधर में पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के बाद इस मामले में विस्तृत लिखित जवाब मांगा था, जिससे अब यह मुद्दा कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।