अयोध्या गैंगरेप में सपा नेता मोईद खान को झटका? योगी सरकार हाईकोर्ट जाएगी

Edited By Updated: 30 Jan, 2026 11:54 PM

ayodhya gangrape case

उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के भदरसा गैंगरेप मामले में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है।

नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के भदरसा गैंगरेप मामले में निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है। इस संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल केस में POCSO कोर्ट द्वारा समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता मोईद खान को सभी आरोपों से मुक्त किए जाने पर सरकार ने असहमति जताई है। वहीं, सह-आरोपी राजू खान को मिली 20 साल की सजा को भी सरकार कम मान रही है। अब इस पूरे फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अपील दायर की जाएगी।

सरकारी वकील का बयान: फैसला संतोषजनक नहीं

राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सरकारी अधिवक्ता विनोद उपाध्याय ने कहा कि मामला नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराध का है और इसमें मुख्य आरोपी की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, मोईद खान के खिलाफ पर्याप्त परिस्थितिजन्य और अन्य साक्ष्य मौजूद थे, ऐसे में बरी करने का निर्णय न्याय के उद्देश्य को पूरा नहीं करता। इसके साथ ही, राजू खान को सुनाई गई 20 साल की सजा को भी अपर्याप्त बताते हुए सरकार दोनों बिंदुओं पर अपील करेगी। सूत्रों के अनुसार, अपील मंगलवार तक दाखिल हो सकती है।

क्या है पूरा मामला?

यह केस 29 जुलाई 2024 को अयोध्या जिले के भदरसा थाना क्षेत्र (पूराकलंदर पुलिस स्टेशन) में दर्ज किया गया था। आरोप था कि 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई। जांच के दौरान दोनों आरोपियों के डीएनए सैंपल लिए गए थे। फॉरेंसिक रिपोर्ट में मोईद खान का डीएनए मेल नहीं खा सका, जबकि राजू खान का डीएनए पीड़िता से मेल खाने की पुष्टि हुई।

इसी आधार पर POCSO कोर्ट ने मोईद खान को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, जबकि राजू खान को दोषी ठहराकर 20 साल की सश्रम कारावास की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।

बुलडोजर कार्रवाई और अलग कानूनी अड़चन

मामले के उजागर होने के बाद प्रशासन ने मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर कार्रवाई की थी, जिससे सियासी विवाद और तेज हो गया था। हालांकि कोर्ट से बरी होने के बावजूद मोईद खान अभी जेल से बाहर नहीं आ पाए हैं, क्योंकि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत अलग मामला लंबित है।

सियासी घमासान तेज

इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी इसे न्याय की जीत बता रही है, जबकि योगी सरकार का कहना है कि वह नाबालिग से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर ढील नहीं देगी और न्याय के लिए कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

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