Edited By Radhika,Updated: 13 May, 2026 01:21 PM

पश्चिम बंगाल की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने लाउडस्पीकर के शोर पर लगाम लगाते हुए धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर हाईकोर्ट के डेसिबल मानकों का पालन अनिवार्य कर दिया है।...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक अनुशासन को लेकर कड़े तेवर दिखाए हैं। सत्ता में आते ही नई सरकार ने कुछ सख्त निर्देश जारी किए हैं। आइए जानते हैं इन निर्देशों के बारे में-
लाउडस्पीकर पर लगाई लगाम
शुभेंदु सरकार ने साफ तौर पर कहा कि राज्य में अब धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर की मनमानी नहीं चलेगी। यानि की अब मंदिर, मस्जिद या कोई भी अन्य धार्मिक संस्थान में हाईकोर्ट द्वारा निर्धारित डेसिबल (Decibel) सीमा का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसे लेकर पुलिस को भी इलाकों में पूरी निगरानी रखने के आदेश जारी हुए हैं। निर्धारित डेसिबल से ज्यादा आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकरों को तत्काल बंद करवाने या जब्त करने का आदेश दिया गया है। इसके सरकार का उद्देश्य लक्ष्य ध्वनि प्रदूषण को कम करना और सार्वजनिक शांति बनाए रखना है।
अवैध टोल प्लाजा और वसूली केंद्रों पर सर्जिकल स्ट्राइक
ध्वनि प्रदूषण के अलावा सरकार ने सड़कों पर चलने वाले अवैध वसूली रैकेट को भी खत्म करने का मन बना लिया है। सरकार द्वारा जिला प्रशासन को आदेश जारी करते हुए कहा कि उन सभी टोल गेट, ड्रॉप गेट और बैरिकेड्स की पहचान करें जो सरकार द्वारा अधिकृत नहीं हैं। बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के चल रहे ऐसे सभी केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा जिला मजिस्ट्रेट यानि की (DMs) को भी कड़ी निगरानी के आदेश जारी किए गए हैं।