Edited By Anu Malhotra,Updated: 05 May, 2026 10:10 AM

West Bengal CM Race: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। TMC को हराकर सत्ता के करीब पहुंची बीजेपी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के लिए किसी...
West Bengal CM Race: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। TMC को हराकर सत्ता के करीब पहुंची बीजेपी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, जिससे सस्पेंस और भी गहरा गया है।
9 मई को हो सकता नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह
चुनाव के दौरान पार्टी ने किसी एक चेहरे को आगे रखकर प्रचार नहीं किया था। अब जब नतीजे BJP के पक्ष में आए हैं, तो पार्टी के अंदर और बाहर कई नाम चर्चा में हैं। माना जा रहा है कि 9 मई को, जो कि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती भी है, नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है।
सबसे ज्यादा चर्चा में नाम किसका?
सबसे ज्यादा चर्चा सुवेंदु अधिकारी के नाम की हो रही है। उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से चुनाव जीतकर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। खास बात यह है कि भवानीपुर सीट को ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता था, जहां से उनकी हार ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। इससे पहले भी सुवेंदु नंदीग्राम में ममता को मात दे चुके हैं, इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।
दूसरा नाम समिक भट्टाचार्य का है, जो राज्य बीजेपी अध्यक्ष हैं। संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। पार्टी के अंदर उन्हें एक सुलझे हुए और शिक्षित चेहरे के रूप में देखा जाता है, जिनकी पकड़ बंगाली समाज और संस्कृति पर भी अच्छी मानी जाती है।
तीसरे दावेदार के रूप में उत्पल ब्रह्मचारो, जिन्हें उत्पल महाराज भी कहा जाता है, का नाम सामने आ रहा है। वे एक धार्मिक छवि वाले नेता हैं और उन्होंने भारी मतों से जीत हासिल की है। संगठन के कुछ वर्गों का मानना है कि उनकी लोकप्रियता और धार्मिक प्रभाव उन्हें एक अलग पहचान देता है।
इसके अलावा स्वपन दासगुप्ता का नाम भी चर्चा में है। वे एक जाने-माने पत्रकार, लेखक और विचारक रहे हैं। शिक्षित वर्ग में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है, जो उन्हें इस दौड़ में एक मजबूत विकल्प बनाती है।
BJP जल्द ही विधायकों की बैठक बुलाने वाली
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी जल्द ही अपने विधायकों की बैठक बुलाने वाली है, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इस प्रक्रिया में RSS की भूमिका भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि संगठन ने पिछले कई सालों से बंगाल में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने पर काम किया है।
फिलहाल स्थिति साफ नहीं है, लेकिन इतना तय है कि बीजेपी इस बार किसी बाहरी चेहरे को नहीं लाएगी। मुख्यमंत्री वही होगा जो बंगाल से जुड़ा हुआ हो, यहां की भाषा, संस्कृति और जनता को अच्छी तरह समझता हो। अब सबकी नजरें पार्टी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो जल्द ही सामने आ सकता है।