अकाल तख्त के फैसले पर घिरे भगवंत मान, भाजपा ने उठाए इस्तीफे के सवाल

Edited By Updated: 15 Jun, 2026 08:02 PM

bhagwant mann under fire over akal takht s decision bjp calls for his resignati

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि पांच सिंह साहिबानों ने कथित रूप से मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुरु...

नेशनल डेस्क : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा कि पांच सिंह साहिबानों ने कथित रूप से मुख्यमंत्री भगवंत मान को गुरु साहिबानों की तस्वीर पर शराब के छींटे मारने से जुड़े वीडियो विवाद के मामले में गुरु-द्रोही और खालसा पंथ विरोधी करार दिया है।

आर.पी. सिंह ने कहा कि संबंधित आदेश में सिख समाज से भगवंत मान के साथ किसी भी प्रकार का सामाजिक, धार्मिक या सार्वजनिक संबंध न रखने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक संस्था मानी जाती है और वहां से जारी निर्देशों को व्यापक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।

भाजपा ने उठाए नैतिकता और शासन से जुड़े सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ इस प्रकार की धार्मिक घोषणा की जाती है, तो इससे उसके सार्वजनिक और नैतिक आचरण को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में पंजाब जैसे सिख बहुल राज्य के मुख्यमंत्री पद पर बने रहना गंभीर बहस का विषय बन जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सिख समाज को मुख्यमंत्री से दूरी बनाए रखने के लिए कहा जाता है, तो सरकार में कार्यरत सिख मंत्री, विधायक, अधिकारी और कर्मचारी नैतिक तथा धार्मिक दुविधा का सामना कर सकते हैं। इससे शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

भगवंत मान से मांगा जवाब

आर.पी. सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से स्पष्ट रुख बताने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे संबंधित आदेश को स्वीकार करते हैं या नहीं। भाजपा नेता के अनुसार, यदि मुख्यमंत्री इस निर्णय को नहीं मानते हैं तो यह सिख भावनाओं का अनादर माना जा सकता है, जबकि यदि वे इसे स्वीकार करते हैं तो उनके लिए मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक आधार कमजोर पड़ जाता है।

इस्तीफे और माफी की मांग

अपने बयान में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब की गरिमा और सिख समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और जनता के प्रति जवाबदेही निभाने की भी मांग की।

हालांकि, इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनकी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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