Edited By Tanuja,Updated: 17 Jun, 2026 05:56 PM

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक गुरुद्वारे के भीतर अज्ञात हमलावरों ने सिख सेवादार दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना मरदान जिले में हुई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, जबकि इस हमले ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सिख समुदाय की सुरक्षा को...
International Desk: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है। बुधवार को मरदान जिले के बाबू मोहल्ला क्षेत्र स्थित एक गुरुद्वारे के भीतर अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर सिख सेवादार दंपति की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, हमले में जगन्नाथ और उनकी पत्नी असमा वंती की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों गुरुद्वारे में सेवा कार्यों से जुड़े हुए थे।
यह वारदात पेशावर से लगभग 60 किलोमीटर दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावर गुरुद्वारे के परिसर में पहुंचे और दंपति पर गोलियां चला दीं। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी Masood Ahmad ने बताया कि हत्या के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इस घटना ने पाकिस्तान में रहने वाले सिख समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में सिखों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। गुरुद्वारे जैसे धार्मिक स्थल के भीतर हुई यह हत्या सुरक्षा व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह के हमले न केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती हैं, बल्कि अल्पसंख्यक समुदायों में भय का माहौल भी पैदा करते हैं। अब निगाहें पाकिस्तान प्रशासन की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हैं।