Edited By Ramanjot,Updated: 03 Feb, 2026 09:17 PM

बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले करीब 52 हजार वाहन चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
नेशनल डेस्क: बिहार में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले करीब 52 हजार वाहन चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
मंगलवार को राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO), अपर DTO, मोटर वाहन निरीक्षकों और आरटीए सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि आदतन नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई की जाए।
किन जिलों में सबसे ज्यादा मामले
पुलिस और यातायात विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों की संख्या सबसे अधिक है।
कैसे होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग की योजना के तहत बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की सूची तैयार की गई है। संबंधित वाहन नंबर अखबारों में प्रकाशित कर नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के बाद सुनवाई होगी। दोषी पाए जाने पर ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या कैंसल किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को मोटर वाहन अधिनियम के तहत कानूनी रूप से पूरा किया जाएगा।
परिवहन आयुक्त के सख्त निर्देश
आरिफ अहसन ने अधिकारियों से कहा कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वाहन रजिस्ट्रेशन (RC) से जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो। प्रिंटिंग और डिस्पैच में किसी तरह की देरी न हो। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए प्रस्तावित कैशलेस इलाज योजना पर काम तेज किया जाए। हेलमेट, सीट बेल्ट जांच, परमिट पेंडेंसी और पीएम ई-ड्राइव चार्जिंग स्टेशन की नियमित मॉनिटरिंग हो।
क्यों जरूरी है यह कदम
बिहार में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या सरकार के लिए बड़ी चिंता बन चुकी है। परिवहन विभाग का मानना है कि सख्त कार्रवाई से न सिर्फ दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। अगर आप भी बार-बार चालान कटवाते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए—अगली कार्रवाई सीधे आपके लाइसेंस पर हो सकती है।