Edited By Radhika,Updated: 03 Feb, 2026 03:26 PM

लोकसभा के बजट सत्र के दौरान उस समय गतिरोध पैदा हो गया जब विपक्ष ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के मेमोयर (संस्मरण) का मुद्दा उठाया। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसद सदन के बीचों-बीच (वेल) आ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के...
Parliament Budget Session: संसद के बजट सत्र में आज उस समय माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया जब लोकसभा में हंगामे और आसन की ओर कागज उछालने के आरोप में 6 कांग्रेस सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। इस सख्त कार्रवाई के विरोध में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद भवन परिसर में गांधी प्रतिमा के पास जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
निलंबित सांसदों के साथ धरने पर बैठे राहुल और प्रियंका
सांसदों के निलंबन की खबर आते ही राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अन्य विपक्षी सांसदों के साथ संसद के बाहर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी ने इसे लोकतंत्र का अपमान और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया। उन्होंने कहा कि जब वे राष्ट्रीय सुरक्षा और किसानों से जुड़े मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता और सांसदों को बाहर कर दिया जाता है।
लोकसभा में पेपर उछालने पर स्सपेंड हुए 6 नेता
संसद में राहुल गांधी की स्पीच के दौरान पेपर उछाले गए। हंगामे के दौरान अनुचित व्यवहार और कागज उछालने के आरोप में कांग्रेस के 6 सांसदों (गुरजीत ओजला, राजा वारिंग, किरण रेड्डी, वी. वैथिलिंगम, मणिकम टैगोर और डीन कुरियाकोस) को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है।
3 बजे तक स्थगित हुई लोकसभा की कार्यवाही
लोकसभा में आज हुए भारी हंगामे के बीच स्पीकर ने दोपहर 3 बजे तक कार्यवाही को स्थगित कर दिया है।
राहुल गांधी का सरकार पर तीखा वार
राहुल गांधी ने मोर्चा संभालाते हुए जनरल नरवणे के संस्मरण के हवाले से राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा उठाया और कुछ दस्तावेजों को ऑथेंटिकेट (प्रमाणित) किया। राहुल गांधी ने कहा, "यह देश की सुरक्षा, विशेष रूप से चीन और पाकिस्तान से जुड़ा मामला है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।"
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष सदन को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पीकर के साथ हुई बैठक का हवाला देते हुए आग्रह किया कि सदन की गरिमा का ध्यान रखते हुए चर्चा होनी चाहिए और अनावश्यक मुद्दों को छोड़ना चाहिए।
सदन में 'यार' शब्द पर चेयर की फटकार
हंगामे के बीच सदन की मर्यादा उस समय चर्चा में आई जब किसी सदस्य ने पीठासीन अधिकारी (चेयर) को संबोधित करते हुए 'यार' शब्द का प्रयोग कर दिया। उस समय आसन पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी बैठे थे। उन्होंने सख्त लहजे में फटकार लगाते हुए कहा, "यह संसद है, यहाँ की अपनी एक गरिमा है, अपनी शब्दावली पर ध्यान दें।"