अजनार नदी के ‘हीरो’ बिट्टू तबाही का नया मिशन, बेंगलुरु के तुराहल्ली जंगल में चलाया बड़ा सफाई अभियान

Edited By Updated: 15 Sep, 2026 07:31 AM

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ध्य प्रदेश की अजनार नदी को चमकाने वाले 20 वर्षीय युवा पर्यावरण कार्यकर्ता बिट्टू तबाही (असली नाम सुरेंद्र सिंह चौधरी) अब देशव्यापी सफाई अभियान पर निकल पड़े हैं। हाल ही में उन्होंने बेंगलुरु के प्रसिद्ध तुराहल्ली जंगल में एक विशाल स्वच्छता अभियान...

बेंगलुरु: मध्य प्रदेश की अजनार नदी को चमकाने वाले 20 वर्षीय युवा पर्यावरण कार्यकर्ता बिट्टू तबाही (असली नाम सुरेंद्र सिंह चौधरी) अब देशव्यापी सफाई अभियान पर निकल पड़े हैं। हाल ही में उन्होंने बेंगलुरु के प्रसिद्ध तुराहल्ली जंगल में एक विशाल स्वच्छता अभियान चलाया, जिसमें स्थानीय लोगों की मदद से 100 लोगों की टीम का नेतृत्व किया।

बेंगलुरु से लगभग 20 किलोमीटर दूर कनकपुरा रोड पर स्थित तुराहल्ली जंगल की सफ़ाई बिट्टू और उनकी टीम ने सार्वजनिक जगहों को साफ़ रखने के बारे में जागरूकता फैलाने की अपनी कोशिशों के तहत की। सफ़ाई अभियान का वीडियो बनाते हुए बिट्टू ने इंस्टाग्राम पर कहा, "मैं अपने सफ़ाई अभियान के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अलग-अलग राज्यों की यात्रा कर रहा हूं।"

जंगल से कचरा हटाते समय बिट्टू और उनकी टीम ने दस्ताने और मास्क पहने थे। कुछ सदस्यों ने ज़मीन खोदकर ज़मीन के नीचे जमा कचरा निकालने के लिए फावड़ों का इस्तेमाल किया और फिर उसे बोरियों में भरा। जिन जगहों पर कचरा मिट्टी में गहराई तक चला गया था, वहां सफ़ाई के लिए JCB भी मंगवाई गई। इकट्ठा किए गए कचरे को बाद में रीसाइक्लिंग ट्रक में ले जाया गया, जिसमें टीम के सदस्यों ने कचरा लोड करने में मदद की। बिट्टू ने कहा कि बेंगलुरु के लोगों ने सफ़ाई अभियान के दौरान उनका साथ दिया और जंगल की सफ़ाई की उनकी कोशिशों में शामिल हुए।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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20 साल के बिट्टू, जिनका असली नाम सुरेंद्र सिंह चौधरी है, अजनार नदी से प्लास्टिक, फेंका हुआ कचरा और दूसरी गंदगी हटाने में कई महीने बिताने के बाद अब अपने शहर से बाहर भी सफ़ाई का काम कर रहे हैं। नदी पर उनके काम ने सोशल मीडिया पर काफ़ी ध्यान खींचा, जहां उन्होंने वीडियो और 'पहले और बाद' की तस्वीरों के ज़रिए बदलाव को दिखाया। किसी बड़े सरकारी अभियान या संगठित पर्यावरण पहल के उलट, बिट्टू ने ज़्यादातर काम खुद ही किया, ज़रूरी सामान का खर्च उठाया और जमा कचरा हटाने के लिए बार-बार नदी पर गए। बिट्टू की कोशिशों की वजह से उन्हें 'द ओशन क्लीनअप' से नौकरी का ऑफ़र भी मिला, जो डच पर्यावरणविद् बोयन स्लैट की बनाई संस्था है। 

'हर राज्य तक पहुंचेगा स्वच्छता का संदेश'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अभियान के वीडियो साझा करते हुए बिट्टू ने बताया कि उनका मकसद सिर्फ कचरा उठाना नहीं, बल्कि पूरे देश में स्वच्छता को लेकर जन-जागरूकता फैलाना है। उन्होंने बेंगलुरु के निवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय लोगों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। अब वह अपने समर्थकों से सुझाव मांग रहे हैं कि अगला सफाई अभियान किस राज्य में शुरू किया जाए।

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