Edited By Parveen Kumar,Updated: 14 Sep, 2026 09:20 PM

देश के 21 राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकारों के 2029 से पहले यूसीसी लागू करने के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल मुसलमानों...
नेशनल डेस्क : देश के 21 राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकारों के 2029 से पहले यूसीसी लागू करने के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल मुसलमानों को निशाना बनाना चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और शाह संविधान के अनुच्छेद 25 (जो धर्म की आजादी की गारंटी देता है) और अनुच्छेद 14 (जो समानता के अधिकार की गारंटी देता है) का उल्लंघन करते हुए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, "भाजपा यह (यूसीसी लागू करना) समानता के लिए नहीं कर रही है। इसका मकसद सिर्फ मुसलमानों को निशाना बनाना है।"
ओवैसी ने कहा कि देश की "आत्मा" उसकी विविधता है और यूसीसी लागू करने का मतलब गैर-हिंदुओं पर हिंदू कानून थोपना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा नियुक्त विधि आयोग ने यह निष्कर्ष निकाला था कि यूसीसी न तो जरूरी है और न ही वांछनीय। गोवा में यूसीसी के अलग-अलग प्रावधानों का जिक्र करते हुए, उन्होंने पूछा कि क्या शाह और भाजपा पश्चिमी राज्य में भी उसी यूसीसी को लागू करेंगे, जैसा उत्तराखंड जैसे भाजपा-शासित राज्यों में लागू है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या एन. चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार और चिराग पासवान जैसे राजग नेता यूसीसी के प्रावधानों का समर्थन करेंगे।
दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत-चीन संबंधों में आए सुधार पर ओवैसी ने सवाल उठाया कि क्या बेहतर द्विपक्षीय संबंधों का मतलब यह है कि भारत ने भारत-चीन सीमा पर अपने गश्त करने के अधिकार खो दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को हथियार दिए थे। उन्होंने कहा, "यह सरकार ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप) और चीन से इतना क्यों डरती है?" ओवैसी ने आरोप लगाया कि शाह का "गलतफहमी से भरा अहंकार" और "क्रानोलॉजी" ही 2019 में सीएए/एनआरसी विरोधी प्रदर्शनों का कारण बना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को खुद स्पष्ट करना पड़ा था कि कोई राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू नहीं की जाएगी।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को "भद्दा मजाक" बताते हुए उन्होंने कहा कि अब आम लोगों से कागजात लेकर लाइन में लगने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, "सरकार 80 करोड़ लोगों को राशन देती है। आप उनसे लाइन में लगने के लिए कह रहे हैं। आप कौन होते हैं जो इस तरह एसआईआर करवा रहे हैं?" उन्होंने आरोप लगाया कि एनआरसी की वजह से लोगों को एक बार फिर लाइनों में खड़ा होना पड़ेगा और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का इरादा एसआईआर के बाद एनआरसी लागू करने का था। शाह पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि जो लोग अयोध्या में राम मंदिर में हुई कथित चोरी को नहीं रोक पाए, वे यूसीसी और एनआरसी की बात कर रहे हैं।
वंदे मातरम के सभी अंतरों के गायन को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने याद दिलाया कि हैदराबाद के तुर्रेबाज़ खान और मौलवी अलाउद्दीन समेत कई लोग स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने कहा, "भारत छोड़ो का नारा किसने दिया था? क्या यह किसी संघी (आरएसएस स्वयंसेवकों के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) ने दिया था?" वंदे मातरम के सभी अंतरों को गाना अनिवार्य बनाने के कदम पर सवाल उठाते हुए ओवैसी ने पूछा कि क्या यह संविधान द्वारा दी गई धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं है। पाकिस्तान के साथ खेल खेलने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बीसीसीआई को टेलीविजन अधिकारों के जरिए पैसे कमाने की इजाजत दे रही है। उन्होंने कहा कि अगर भारत पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं खेलता है, तो "आसमान नहीं गिर पड़ेगा"।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर ओवैसी ने कहा कि 2025 के ब्रिक्स घोषणापत्र में लेनदेन की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए सदस्यों के भुगतान प्रणाली के बीच अंतरसंचालनीयता की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने ब्रिक्स डिजिटल करेंसी को जोड़ने के लिए कदम क्यों नहीं उठाए, जिस पर रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर ने चर्चा की थी। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सिर्फ शाकाहारी खाना परोसे जाने के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि जहां यूसीसी का मकसद अल्पसंख्यकों पर बहुसंख्यकों के कानून थोपना है, वहीं सत्ताधारी पक्ष खाने-पीने के मामलों में भी अपनी पसंद थोपने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान और यूएई के बीच बातचीत एक सकारात्मक घटनाक्रम था। शाह ने रविवार को कहा कि 21 राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकारें 2029 से पहले यूसीसी लागू करेंगी।
शाह ने मुंबई में कहा, "तीन तलाक को समाप्त करके मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की है और मुझे विश्वास है कि भाजपा-राजग शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लागू कर दिया जाएगा" जब उनसे पूछा गया कि क्या मणिपुर में एनआरसी लागू करने के लिए 1951 के आधार वर्ष का इस्तेमाल किया जाएगा, तो शाह ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य में अपने सहयोगियों और राजनीतिक दलों के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा, "हम अपने सहयोगियों और मणिपुर की राजनीतिक पार्टियों के साथ इन मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। जो भी फैसला लिया जाएगा, हम आपको बता देंगे।"